हरियाणा: छात्रों के लिए SAATH प्रोजेक्ट, 200 सरकारी स्कूलों में मिलेंगे प्रशिक्षित काउंसलर
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक नई सहारा व्यवस्था शुरू हो रही है। राज्य सरकार के SAATH प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 200 सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित काउंसलर और शिक्षक छात्रों की मानसिक सेहत और भावनात्मक जरूरतों का ध्यान रखेंगे। यह पहल कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है और इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर चला रहा है।
इस प्रोजेक्ट की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का मकसद किशोरावस्था से गुजर रहे छात्रों के सामने आने वाली भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को समय रहते पहचानना और उन्हें सही मदद तक पहुँचाना है। स्कूल के भीतर ही भरोसेमंद मदद उपलब्ध होने से छात्र अपनी परेशानी खुलकर बता सकेंगे।
SAATH के तहत स्वास्थ्य विभाग के 122 काउंसलरों को प्रशिक्षित किया गया है। ये काउंसलर चुने गए स्कूलों में पेशेवर सहायता की मुख्य कड़ी होंगे। इसके साथ ही हर स्कूल में दो नामित शिक्षक भी तय किए जाएँगे, जिससे करीब 400 प्रशिक्षित शिक्षकों का एक नेटवर्क बनेगा। काउंसलर और शिक्षक मिलकर एक टीम की तरह काम करेंगे, ताकि किसी छात्र की परेशानी शुरुआती चरण में ही पकड़ में आ जाए।
छात्रों के सामने आने वाली रोजमर्रा की परेशानियों पर इस प्रोजेक्ट में खास ध्यान दिया गया है। परीक्षा का तनाव और चिंता, बदमाशी और साथियों से अलगाव, आत्मविश्वास की कमी, माता-पिता से बातचीत में कठिनाई, स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल और नशे का खतरा — इन सभी मुद्दों पर स्कूल में ही सहायक बातचीत और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं तक रेफरल की व्यवस्था होगी। इसका जोर इलाज से पहले पहचान और समय पर मदद पर है।
छोटे और बड़े छात्रों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर दो स्तरों पर काम होगा। कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए भावनात्मक जागरूकता, आत्मविश्वास, परीक्षा की चिंता, बदमाशी से निपटना और घर में बेहतर संवाद पर ध्यान रहेगा। कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए भी उम्र के हिसाब से अलग रणनीति अपनाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य एक साल के भीतर सभी 200 चिह्नित स्कूलों तक इस व्यवस्था को पहुँचाना है। प्रशिक्षण को एक समान रखने के लिए मानसिक स्वास्थ्य विभाग उम्र के अनुसार वीडियो प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगा, जो ECHO प्लेटफॉर्म और अन्य आधिकारिक डिजिटल माध्यमों से शिक्षकों और काउंसलरों तक पहुँचाए जाएँगे। स्कूल शिक्षा विभाग हर स्कूल में दो शिक्षकों की पहचान और उनके संरचित प्रशिक्षण में मदद करेगा। इस तरह मदद किसी एक स्कूल की सुविधा पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि हर चुने गए स्कूल में एक जैसी व्यवस्था मिलेगी।
माता-पिता और छात्रों के लिए इस प्रोजेक्ट का संदेश सीधा है — स्कूल के भीतर मदद आसानी से मिले और उसमें कोई झिझक न हो। पढ़ाई के दबाव, दोस्तों से जुड़ी परेशानी या मन की उलझन को लेकर छात्र अकेले न रहें, इसके लिए स्कूल में ही प्रशिक्षित व्यक्ति मौजूद रहेगा। SAATH प्रोजेक्ट हरियाणा में स्कूल स्तर पर काउंसलिंग और देखभाल को छात्रों के करीब लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
