Viksit Haryana

हरियाणा की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएँ और विकास की हर अपडेट

हरियाणा

हरियाणा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था सख्त: डीजीपी अजय सिंघल ने रात्रि गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश

Spread the love

हरियाणा में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को रात्रि गश्त तथा नाकाबंदी को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी गंभीरता से निभाएं और एसपी स्वयं रात्रि जांच की निगरानी करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 24 जिलों में 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की ओर से कुल 6,644 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए कि ये सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहने चाहिए और उनकी नियमित निगरानी होनी चाहिए। कैमरों की लोकेशन, कार्यशीलता, तकनीकी खराबियों और नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जा सके।

सक्रिय अपराधियों के रिकॉर्ड को अद्यतन करने और फेस रिकग्निशन सिस्टम के प्रभावी उपयोग पर भी बैठक में जोर दिया गया। 29 अक्टूबर तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड की जा चुकी हैं। ग्यारह जिलों ने अपने सक्रिय अपराधी रिकॉर्ड का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया है। डीजीपी ने निर्देश दिए कि घोषित अपराधियों, बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा अगले दो सप्ताह के भीतर सिस्टम पर अपलोड किया जाए, जिससे अपराधियों की पहचान और निगरानी में मदद मिलेगी।

रात्रि नाकाबंदी की व्यवस्था पर चर्चा में बताया गया कि प्रदेश में 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं, जबकि 40 संवेदनशील स्थानों और सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अंतरराज्यीय और अंतरजिला नाकाबंदी से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके साथ ही बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा हुई — 1 जून से 28 अक्टूबर तक 31.22 लाख वाहनों की जांच की गई, 2,72,492 चालान किए गए और 22,269 वाहन जब्त किए गए।

डीजीपी ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के भी निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में लोगों तक पुलिस की मदद जल्द पहुंच सके। बैठक का कुल संदेश स्पष्ट था — तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सतत निगरानी और हर स्तर पर जवाबदेही के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।


Spread the love

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *