हरियाणा अंबाला के 15 सरकारी प्राथमिक स्कूलों का बदलेगा स्वरूप: पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में होगी पढ़ाई
हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में अंबाला जिले में एक बड़ा बदलाव किया है। जिले के 15 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को उनके निकटतम मॉडल संस्कृति, पीएम श्री और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता (सीएमईईई) माध्यमिक विद्यालयों के साथ जोड़कर नया शैक्षणिक स्वरूप दिया गया है। इससे प्राथमिक स्तर के बच्चों को माध्यमिक स्तर की प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों का भी लाभ मिल सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत इन स्कूलों में पहली कक्षा की पढ़ाई पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम में अनिवार्य की गई है। दूसरी कक्षा से आगे प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन हिंदी माध्यम और एक सेक्शन अंग्रेजी माध्यम का होगा, ताकि अभिभावक और विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार माध्यम चुन सकें। अधिसूचना जारी होने की तिथि से ही ये सभी परिवर्तित प्राथमिक विद्यालय पूर्ण रूप से सह-शिक्षा संस्थानों के रूप में कार्य करेंगे।
इन स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति सामान्य प्रक्रिया के बजाय स्क्रीनिंग और चयन प्रक्रिया से की जाएगी। निर्धारित फंडों के अलावा छात्रों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क या वित्तीय योगदान नहीं लिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से ये स्कूल विद्यालय विकास निधि प्राप्त करना शुरू करेंगे, जिससे स्कूल के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा सकेगा।
अंबाला जिले में इस नई नीति के तहत नया नाम और स्वरूप पाने वाले स्कूलों में जीपीएस दुराना, जीपीएस बकनौर, जीपीएस कांवला, जीपीएस तंदवाल, जीएमएसपीएस धनौरा, जीएमएसपीएस डेरा, जीपीएस जनसुई, जीपीएस नन्योला, जीपीएस बराड़ा और जीपीएस समलेहरी शामिल हैं। यह बदलाव प्रदेशभर में 279 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के नामकरण बदलने के बड़े फैसले का हिस्सा है, जिसके तहत 202 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक विद्यालय और 77 को मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय के रूप में नामित किया गया है।
