हरियाणा सरकार ने कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत दी है। राज्य के सभी 22 जिलों के सिविल अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर (DCCC) काम करने लगे हैं, जहाँ मरीजों को अपने ही जिले में मुफ्त इलाज और देखभाल मिल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरवरी 2026 में 17 जिलों के केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया था; इससे पहले पाँच जिलों — अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद — में ये केंद्र पहले से चल रहे थे। यह पहल मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में घोषित की थी और अब यह जमीन पर पूरी तरह लागू हो चुकी है। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (7 नवंबर) पर स्वास्थ्य विभाग ने इस सुविधा को मरीजों के लिए एक बड़ी राहत बताया है।
इन केंद्रों पर मरीजों को फॉलो-अप कीमोथेरेपी, पेलिएटिव केयर, सहायक देखभाल और लक्षणों के प्रबंधन की सुविधा मिलती है। समर्पित कैंसर ओपीडी, दर्द और पेलिएटिव केयर ओपीडी तथा इलाज के बाद की संरचित फॉलो-अप सेवाएँ भी मुफ्त दी जाती हैं। ये केंद्र हब-एंड-स्पोक मॉडल पर काम करते हैं — पीजीआईएमएस रोहतक, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) झज्जर, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर (ACCC) अंबाला कैंट हब के रूप में जिला अस्पतालों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन देते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया है कि जिले स्तर पर इलाज मिलने से मरीज के यात्रा और रहने के खर्च में करीब ₹3.3 लाख तक की बचत हो सकती है, क्योंकि अब बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
इलाज के साथ-साथ सरकार ने मरीजों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए दो बड़ी आर्थिक सुविधाएँ भी दी हैं। कैंसर मरीज और उनके साथ एक सहायक (अटेंडेंट) हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। मुफ्त यात्रा सुविधा कार्डों की संख्या लगातार बढ़ी है — 2022-23 में 7,617 कार्ड जारी हुए थे, 2023-24 में 9,408 और 2024-25 में 10,102। इसके अलावा, स्टेज III और स्टेज IV के कैंसर मरीजों को हर महीने ₹3,200 की वित्तीय सहायता दी जाती है, बशर्ते परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम हो। यह सहायता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SEWA) के माध्यम से दी जाती है और अब तक 5,807 मरीज इसका लाभ ले चुके हैं। यह राशि पहले ₹3,000 थी, जिसे 1 नवंबर 2025 से बढ़ाकर ₹3,200 कर दिया गया है। पेंशन के लिए आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल से ऑनलाइन किया जाता है। पेंशन की पूरी जानकारी के लिए हमारी विस्तृत गाइड पढ़ें: ₹3,200 मासिक पेंशन।
इलाज के साथ-साथ रोकथाम पर भी सरकार का पूरा ध्यान है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की मुँह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की नियमित जाँच मुफ्त की जा रही है, ताकि बीमारी का समय पर पता चल सके। बेटियों के लिए भी बड़ी सुविधा शुरू की गई है — 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों को एचपीवी टीका मुफ्त लगाया जा रहा है, जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव करता है। मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी 2026 को लाडवा से इस अभियान की शुरुआत की थी; पंजीकरण U-WIN पोर्टल पर होता है और हर लाभार्थी को डिजिटल प्रमाणपत्र मिलता है। 22 अप्रैल 2026 तक 13,500 से अधिक लड़कियों को टीका लगाया जा चुका था। जिला अस्पताल में जाकर या U-WIN पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इन सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हरियाणा में डे-केयर कैंसर सेंटर कहाँ-कहाँ हैं?
राज्य के सभी 22 जिलों के सिविल अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर काम कर रहे हैं। 17 केंद्रों का उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरवरी 2026 में किया था, जबकि अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में ये केंद्र पहले से चल रहे थे।
डे-केयर कैंसर सेंटर में कौन-सी सेवाएँ मुफ्त मिलती हैं?
फॉलो-अप कीमोथेरेपी, पेलिएटिव केयर, सहायक देखभाल, लक्षण प्रबंधन, समर्पित कैंसर ओपीडी, दर्द और पेलिएटिव केयर ओपीडी तथा इलाज के बाद की फॉलो-अप सेवाएँ मुफ्त दी जाती हैं।
कैंसर मरीज को ₹3,200 मासिक पेंशन कैसे मिलेगी?
स्टेज III या IV के कैंसर मरीज, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजना के तहत हर महीने ₹3,200 पा सकते हैं। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल से ऑनलाइन किया जाता है।
कैंसर मरीज को मुफ्त बस यात्रा का लाभ कैसे मिलेगा?
कैंसर मरीज और उनके साथ एक सहायक हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए मुफ्त यात्रा सुविधा कार्ड जारी किया जाता है — 2024-25 में 10,102 कार्ड जारी किए गए थे।
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