हरियाणा के झज्जर जिले के खेड़ी खुम्मार गांव ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए एक मिसाल पेश की है। गांव के लोगों ने आपस में मिलकर ₹50 लाख जुटाए हैं और पंचायत की जमीन पर एक खेल मैदान बनाना शुरू कर दिया है। गांव के युवा रोजाना दो से तीन घंटे श्रमदान करके मैदान को तैयार कर रहे हैं। यह पहल न केवल खेल की सुविधा देगी, बल्कि गांव के युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रखकर खेल और फिटनेस की ओर मोड़ेगी। सरपंच राज कुमार ने इस सामूहिक प्रयास को प्रेरणादायक बताते हुए कहा है कि यह पूरे गांव की एकजुटता का उदाहरण है।
इस पहल की शुरुआत गांव में हुई एक चिंताजनक घटना से हुई। गांव में एक स्थान पर नशे के इंजेक्शन का सामान मिला था। इस घटना ने गांव के युवाओं और बुजुर्गों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि युवा पीढ़ी को नशे से कैसे बचाया जाए। गांव के लोगों को लगा कि युवाओं को खेल की सुविधा और नियमित शारीरिक गतिविधि मिले तो उनका खाली समय सही दिशा में लगेगा। इसके बाद गांव वालों ने घर-घर जाकर चंदा जुटाना शुरू किया। हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और देखते ही देखते ₹50 लाख की राशि इकट्ठा हो गई।
प्रस्तावित खेल मैदान में रनिंग ट्रैक, कबड्डी कोर्ट और अन्य बुनियादी खेल सुविधाएं बनाई जाएंगी। गांव के निवासी राजू ने बताया कि मैदान युवाओं को दौड़ का अभ्यास करने, शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करने और अपने खेल के शौक को आगे बढ़ाने का स्थान देगा। गांव के युवा मोहित ने बताया कि सेना, पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में होने वाली शारीरिक परीक्षा की तैयारी के लिए मैदान बहुत काम आएगा। गांव में ही अभ्यास की सुविधा मिलने से युवाओं को तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बच्चों और किशोरों में भी छोटी उम्र से ही खेल और फिटनेस के प्रति रुचि बढ़ेगी।
मैदान का काम पिछले एक महीने से चल रहा है। गांव के युवा निखिल ने बताया कि मिट्टी लाने, जमीन को समतल करने और खेल गतिविधियों के लिए मैदान तैयार करने का काम जारी है। युवा रोजाना मैदान के काम में जुटे रहते हैं। यह मैदान केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी उपयोगी होगा, जो सुबह-शाम की सैर के लिए इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। इस तरह यह पहल पूरे गांव के स्वास्थ्य और जीवनशैली को बेहतर बनाएगी।
खेड़ी खुम्मार गांव की आबादी लगभग 7,000 है और यहां 1,200 से अधिक परिवार रहते हैं। सरपंच राज कुमार ने बताया कि लगभग हर परिवार का कम से कम एक सदस्य सेना या पुलिस में सेवारत है। इसी से प्रेरित होकर गांव के अनेक युवा सशस्त्र बलों और पुलिस में करियर बनाना चाहते हैं। उनके लिए यह खेल मैदान वरदान साबित होगा, क्योंकि यहां वे अपनी शारीरिक फिटनेस तैयार कर सकेंगे और भर्ती परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। गांव की यह पहल दिखाती है कि जब समुदाय एकजुट हो जाए तो बिना सरकारी मदद के भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खेड़ी खुम्मार गांव कहां है और वहां क्या पहल हुई है?
खेड़ी खुम्मार गांव हरियाणा के झज्जर जिले में है। गांव के लोगों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए ₹50 लाख जुटाकर पंचायत की जमीन पर खेल मैदान बनाना शुरू किया है।
खेल मैदान के लिए ₹50 लाख कैसे जुटाए गए?
गांव के लोगों ने घर-घर जाकर चंदा जुटाया और हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया। युवा रोजाना दो से तीन घंटे श्रमदान भी कर रहे हैं।
खेल मैदान में क्या सुविधाएं बनेंगी?
प्रस्तावित मैदान में रनिंग ट्रैक, कबड्डी कोर्ट और अन्य बुनियादी खेल सुविधाएं बनाई जाएंगी। यह मैदान दौड़, शारीरिक परीक्षा की तैयारी और खेल अभ्यास के काम आएगा।
गांव में यह पहल क्यों शुरू हुई?
गांव में एक स्थान पर नशे के इंजेक्शन का सामान मिला था। इस घटना के बाद गांव वालों ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए खेल मैदान बनाने का फैसला किया।
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