एशियन पैरा गेम्स: शीतल देवी-पायल नाग गोल्ड मेडल मैच में, थाईलैंड को 151-135 से हराया — कल चीन से भिड़ंत
भारत की स्टार पैरा-तीरंदाज शीतल देवी और उनकी साथी पायल नाग ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में देश को गोल्ड की नई उम्मीद दे दी है। नगोया में चल रहे खेलों के तीसरे दिन (20 अक्टूबर) दोनों ने महिला कंपाउंड डबल्स के सेमीफाइनल में थाईलैंड की जोड़ी को 151-135 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल मैच में प्रवेश कर लिया। अब इनकी भिड़ंत चीन की जोड़ी से होगी, जो सुबह 5:55 बजे (भारतीय समयानुसार) खेला जाएगा।
शीतल देवी, जो अपनी दोनों भुजाओं के बिना धनुष चलाने की अद्भुत कला के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं, इससे पहले रैंकिंग राउंड में 720 में से 704 अंक लेकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर चुकी हैं। पायल नाग के साथ उनकी जोड़ी इस पूरे टूर्नामेंट में बेहद आत्मविश्वास के साथ खेल रही है।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मीडिया विंग ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की है कि भारतीय तीरंदाजों का गोल्ड की तरफ अभियान जारी है।
इसी दौरान भारतीय तीरंदाजी के अन्य वर्गों में भी खुशखबरी मिली। पुरुष रिकर्व डबल्स में हरविंदर सिंह और विजय सुंदी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया को 5-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि महिला रिकर्व डबल्स में भावना और पूजा की जोड़ी ने ईरान को 6-2 से पराजित किया। यानी भारत कुल तीन पैरा-तीरंदाजी फाइनलों में पहुंचा है।
पुरुष कंपाउंड डबल्स में तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से हार गए, लेकिन अब वे ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन से भिड़ेंगे।
खेलों के तीसरे दिन के अंत तक भारत की झोली में 24 पदक आ चुके हैं, जिनमें 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज शामिल हैं। पैरा-तीरंदाजी में भारत की यह लगातार सफलता देश की खेल तैयारियों की मजबूती को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री भी खिलाड़ियों को नियमित रूप से बधाई दे रहे हैं।
अब सभी की नजरें कल सुबह के गोल्ड मेडल मैच पर हैं, जहां शीतल-पायल की जोड़ी चीन के खिलाफ इतिहास रचने उतरेगी। अगर यह जोड़ी जीतती है, तो यह एशियन पैरा गेम्स में भारत के तीरंदाजी अभियान का सबसे बड़ा पल होगा।
