राखीगढ़ी को यूनेस्को विश्व धरोहर बनाने की तैयारी: संग्रहालय के अगले चरण को ₹188 करोड़, बनेगा सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर
हिसार जिले के राखीगढ़ी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि हरियाणा सरकार राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। राखीगढ़ी सिंधु-सरस्वती सभ्यता के सबसे बड़े और प्राचीनतम केंद्रों में गिना जाता है।
राखीगढ़ी संग्रहालय और व्याख्या केंद्र के अगले चरण के लिए 188 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। संग्रहालय का नागरिक निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब इसका विस्तार अंतरराष्ट्रीय मानकों पर किया जाएगा। केंद्र सरकार ने राखीगढ़ी को देश के 5 प्रतिष्ठित पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया है, जिससे इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशेष दर्जा मिला है।
इसके साथ ही सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जो हरियाणा के विभिन्न धरोहर स्थलों को आपस में जोड़ेगा और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति देगा। उत्सव के दौरान देश-विदेश के विद्वानों और विशेषज्ञों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
धरोहर एवं पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी का विकास हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मानचित्र पर स्थापित करेगा और इससे स्थानीय रोजगार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
