मछली-झींगा पालकों को 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली, हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मछली और झींगा पालकों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब मछली पालन करने वाले किसानों को महज 10 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली मिलेगी। इस फैसले से प्रदेश के हजारों मत्स्य पालकों को सीधा लाभ होगा और मत्स्य पालन व्यवसाय को नई गति मिलेगी।
सरकार के इस ऐलान के मुताबिक, मत्स्य पालकों के मीटर वाले कनेक्शन को कृषि फीडर से जोड़ा जाएगा। कृषि उद्योगों को पहले ही 4.75 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली दी जा रही है, जबकि पहले यह दर 6.60 रुपये प्रति यूनिट थी। अब मछली और झींगा पालन करने वालों को और भी सस्ती बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
प्रदेश सरकार के इस फैसले से मत्स्य पालन की लागत में भारी कमी आएगी। बिजली की ऊंची दरों के चलते कई किसान मछली पालन छोड़ने को मजबूर थे, लेकिन अब सस्ती बिजली मिलने से यह व्यवसाय फिर से लाभकारी बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद जिलों में 100 करोड़ रुपये की लागत से मत्स्य पालन से जुड़ी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इस योजना पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
गौरतलब है कि हरियाणा में मत्स्य पालन तेजी से बढ़ता व्यवसाय है। सरकार की इस पहल से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में मछली उत्पादन भी बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य मत्स्य पालन को राज्य के प्रमुख कृषि व्यवसायों में शामिल करना और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को आगे बढ़ाना है।
