उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक व्यंजन’ (One District One Cuisine – ODOC) योजना के तहत प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े उद्यमियों को ₹50 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता मिल रही है। यह योजना उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की है। इसे 5 मई 2026 को अधिसूचित किया गया और 5 जून 2026 से प्रदेशभर में लागू किया गया। योजना का मकसद हर जिले के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन को नई पहचान देना और उससे जुड़े कारोबार को बैंक ऋण के साथ सरकारी मदद देना है। लखनऊ में 5 नवंबर को योजना पर आयोजित एक सत्र में विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण सुनील ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की सफलता के बाद ODOC शुरू की गई है।
ODOC के तहत हर जिले का एक खास व्यंजन चुना गया है। जौनपुर की इमरती, लखनऊ की मक्खन मलाई, बहराइच की चमचम, हरदोई के लड्डू-लौझड़ और आलू-पूरी, सीतापुर के मिर्च पकौड़ा, पेड़ा, समोसा और मलाई मक्खन जैसे व्यंजन इस योजना में शामिल हैं। इन व्यंजनों की गुणवत्ता सुधारने, आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग, आधुनिक मशीनरी, कोल्ड चेन और प्रमाणन के लिए मदद दी जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी और विभिन्न गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने पर खर्च का 75 प्रतिशत तक वापस किया जाता है, जबकि मार्केटिंग गतिविधियों के लिए ₹10 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।
₹50 लाख तक की मार्जिन मनी: स्लैब कैसे हैं
मार्जिन मनी की राशि परियोजना की कुल लागत के अनुसार तय होती है। ₹25 लाख तक की परियोजना पर 25 प्रतिशत या अधिकतम ₹6.25 लाख की मदद मिलती है। ₹25 लाख से ₹50 लाख तक की परियोजना पर 20 प्रतिशत या ₹6.25 लाख, जो अधिक हो, वह राशि दी जाती है। ₹50 लाख से ₹1.50 करोड़ तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत या ₹10 लाख, जो अधिक हो, मिलता है। ₹1.50 करोड़ से अधिक की परियोजना पर लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम ₹50 लाख तक की सहायता दी जाती है। राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अन्य अनुसूचित बैंक परियोजना का वित्तपोषण करते हैं, जबकि विभाग मार्जिन मनी देता है। योजना की नोडल एजेंसी उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर है और जिला स्तर पर जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (DIC) इसे चलाते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है
आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और आवेदक को संबंधित जिले का निवासी होना चाहिए। योजना का लाभ परिवार को केवल एक बार मिलता है और आवेदक ने पहले किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ न लिया हो। इस योजना के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है। सामान्य वर्ग के आवेदक को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और विशेष वर्ग को 5 प्रतिशत अंशदान देना होता है। बहराइच जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 12 इकाइयों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए ₹36 लाख सब्सिडी का बजट तय है और अब तक ₹42.5 लाख लागत के 7 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं।
आवेदन कैसे करें
आवेदन उत्तर प्रदेश एमएसएमई विभाग के ऑनलाइन पोर्टल msme.up.gov.in पर या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से किया जा सकता है। जिला उद्योग केंद्र (DIC) से भी योजना की जानकारी और आवेदन में मदद मिलती है। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, कोटेशन, नोटरी शपथ पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर लगाने होते हैं। आधिकारिक पोर्टल: https://msme.up.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: ODOC योजना में कितनी मदद मिलती है?
उत्तर: परियोजना लागत के अनुसार 25 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक मार्जिन मनी मिलती है, अधिकतम ₹50 लाख तक।
प्रश्न: ODOC योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर: 18 वर्ष से अधिक आयु का संबंधित जिले का निवासी उद्यमी आवेदन कर सकता है। योजना का लाभ परिवार को केवल एक बार मिलता है।
प्रश्न: ODOC योजना में आवेदन कैसे करें?
उत्तर: एमएसएमई विभाग के पोर्टल msme.up.gov.in पर या जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन किया जा सकता है। जिला उद्योग केंद्र (DIC) से भी मदद मिलती है।
प्रश्न: ODOC योजना में कौन से व्यंजन शामिल हैं?
उत्तर: हर जिले का प्रसिद्ध व्यंजन शामिल है, जैसे जौनपुर की इमरती, लखनऊ की मक्खन मलाई, बहराइच की चमचम और हरदोई के लड्डू।
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