पीएम मोदी ने एकता नगर में एकता परेड की ली सलामी, कहा- सशस्त्र नक्सलवाद का अंत देश की बड़ी उपलब्धि
एकता नगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल हुए। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित इस समारोह में एकता परेड मुख्य आकर्षण रही। परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की टुकड़ियों ने भाग लिया।
इस वर्ष की एकता परेड का मुख्य विषय सशस्त्र नक्सलवाद का अंत रहा। परेड के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सुरक्षा बलों की भूमिका और प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में हुए बदलावों को दर्शाया गया। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में पुलिस बलों की उपलब्धियों को लघु फिल्मों के माध्यम से भी प्रस्तुत किया गया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद का अंत देश की बड़ी उपलब्धि है।
समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से नक्सल मुक्त भारत विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति दी गई। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के लगभग दो हजार कलाकारों ने भाग लिया। प्रस्तुति में उन क्षेत्रों के निवासियों द्वारा झेले गए संघर्षों और अब आए बदलाव को दर्शाया गया। इन जिलों के लगभग पांच हजार लोगों को समारोह देखने और अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों की व्यापक थीम वंदे मातरम् रखी गई, जो राष्ट्रीय गीत के 150वें वर्ष को चिह्नित करती है। परेड में 15 झांकियां शामिल रहीं, जिनमें एक जनता की झांकी भी थी। विभिन्न राज्यों के पांच हजार कलाकारों के साथ भारत की विविधता को दर्शाने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुति ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को जीवंत किया। दिन के अधिक तापमान को देखते हुए इस वर्ष मुख्य समारोह शाम को आयोजित करने का फैसला लिया गया था।
सुबह प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की थी और एकता नगर में 426.71 करोड़ रुपये की 31 पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। शाम का समारोह उसी दिन के कार्यक्रमों की परिणति रहा। एकता परेड के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति संकल्प को एक बार फिर दोहराया गया।
