हरियाणा सचिवालय में सीएम सैनी ने दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ, कहा- बिना पर्ची-खर्ची मिलीं दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियां
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें नमन किया और कहा कि पटेल ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं की नींव रखी थी, जिन्हें देश का स्टील फ्रेम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उसकी अपनी सरकार है। हरियाणा सरकार भी इसी भावना के साथ सुशासन और जनसेवा के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों से उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रदेश में रोजगार को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पिछले समय में दो लाख से अधिक युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इससे सिफारिश की संस्कृति को समाप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सरदार पटेल के सुशासन के सपने की भावना है — योग्यता के आधार पर नियुक्ति और पारदर्शी व्यवस्था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की। तब से हर वर्ष 31 अक्टूबर को देशभर में एकता के संदेश के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति के उत्साह और भारत की एकता के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के लिए राष्ट्र सेवा एक गौरवशाली परंपरा रही है। प्रदेश के जवान सीमाओं पर देश की रक्षा करते हैं, किसान खेतों में परिश्रम करते हैं और खिलाड़ी विश्व के खेल मैदानों में तिरंगे का मान बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नवंबर को हरियाणा अपने गठन के 60 वर्ष पूरे करेगा और इस ऐतिहासिक मौके की पूर्व संध्या पर सभी को प्रदेश की प्रगति और देश की एकता को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
