हरियाणा में ₹219.91 करोड़ के विकास कार्य मंजूर: CM सैनी की अध्यक्षता में HPWPC बैठक में 11 एजेंडे पास
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई उच्चाधिकार प्राप्त कार्य खरीद समिति की बैठक में कुल ₹219.91 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बातचीत के जरिए सरकार ने तय कीमत से ₹18.81 करोड़ की बचत भी की, क्योंकि मूल रूप से इन कार्यों के लिए ₹233.68 करोड़ की राशि सामने रखी गई थी।
बैठक में कुल 13 एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से 11 को मंजूरी मिली, जबकि दो को टाल दिया गया। बैठक में स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे। मंजूर किए गए काम शहरी स्थानीय निकायों से जुड़े हैं, जिनमें नगर निगमों का ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण और मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, नालियों की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, ग्रीन बेल्ट, पार्क और शहरों की दूसरी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
नारनौल क्लस्टर में रोजाना पैदा होने वाले नगर निगम के ठोस कचरे के प्रसंस्करण के लिए ₹18.70 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इस क्लस्टर में नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी और अटेली मंडी आते हैं। गुरुग्राम में इसी तरह के कचरा प्रसंस्करण प्रोजेक्ट के लिए ₹38.79 करोड़ और फरीदाबाद के प्रतापगढ़ गांव में ₹17.14 करोड़ की राशि तय हुई है।
इसके अलावा हिसार में दूध डेयरियों को शिफ्ट करने के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। नई स्वीकृत कॉलोनियों और दिव्यांगजनों के लिए पार्कों सहित ग्रीन बेल्ट और पार्कों के उन्नयन, मरम्मत और रखरखाव का काम भी होगा। पानीपत नगर निगम के वार्ड नंबर 20 में ₹17.94 करोड़ से बैंक्वेट हॉल बनेगा, जबकि पलवल में आगरा चौक से श्रद्धानंद पार्क के छोर तक दोनों तरफ मॉडल सड़क ₹9.28 करोड़ में बनेगी।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में नगर निगम के कार्यालय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। फरीदाबाद के सीही गांव के वार्ड नंबर 39 में पेयजल, सीवरेज, नाली और स्ट्रीट लाइट के कामों के लिए ₹17.77 करोड़ और भुडेना गांव के वार्ड नंबर 35 में इसी तरह के कामों के लिए ₹13.85 करोड़ मंजूर हुए हैं। सिरसा शहर में तूफानी पानी की निकासी व्यवस्था बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों के दोबारा निर्माण और कारपेटिंग की मरम्मत के लिए ₹13.29 करोड़ तय किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूरा होना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों और क्रियान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिया कि सभी प्रोजेक्ट तय समयसीमा में गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना पूरे हों। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त सुधीर राजपाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
