छत्तीसगढ़ कृषक उन्नति योजना: धान की जगह दूसरी फसल पर ₹15,000 प्रति एकड़, 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीकरण
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ सीजन 2026 का लाभ लेने के लिए किसानों के पास अब सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा है — पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। योजना के तहत धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी। जो किसान पहले से इन्हीं फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें ₹10,000 प्रति एकड़ दिए जाएंगे। सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।
योजना का मकसद किसानों को धान के अलावा अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि उनकी आय बढ़े और फसल विविधीकरण से जल संरक्षण भी हो। पंजीकरण के लिए किसानों को अपने क्षेत्र की नजदीकी सेवा सहकारी समिति में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। कृषि विभाग जिलों में किसानों से अपील कर रहा है कि वे अंतिम तारीख से पहले पंजीकरण करा लें।
इस बीच राज्य में खरीफ सीजन 2026-27 की धान की सरकारी खरीद 12 नवंबर 2026 से शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार ने इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी — हर दिन खरीदे जाने वाले कुल धान का 70 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं किसानों के लिए तय किया गया है, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के ज्यादा अवसर मिलें। किसानों को सलाह दी गई है कि धान बेचने से पहले पंजीकरण, टोकन और नमी संबंधी नियमों की जानकारी जरूर रख लें।
