हरियाणा स्वास्थ्य ढांचे को बूस्ट: ₹4.23 करोड़ से 6 उप-स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन, नूंह में नया PHC
हरियाणा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने लगभग 423.48 लाख रुपये की लागत से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के नए भवनों और बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन उप-स्वास्थ्य केंद्रों को मानक और आधुनिक भवन उपलब्ध कराना है, जो वर्तमान में बिना अपने भवन के चल रहे हैं या पंचायत भवनों और अन्य परिसरों में संचालित हो रहे हैं। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत भिवानी जिले के राजगढ़ और कलिंगा-द्वितीय, पलवल जिले के मंगोरका और गदपुरी, तथा जींद जिले के देवराड़ और ढरोली गांवों में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
खास बात यह है कि ये सभी छह उप-स्वास्थ्य केंद्र पहले से पूरी तरह कार्यरत हैं और वहां आवश्यक मानव संसाधन भी उपलब्ध है। यानी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के लिए नए सिरे से इंतजार नहीं करना होगा, अब जरूरत सिर्फ इनके लिए स्थायी और आधुनिक भवन तैयार करने की है। नए भवन वास्तुकला विभाग द्वारा भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों (आईपीएचएस) 2022 के अनुरूप तैयार किए गए 187.60 वर्ग मीटर के मानक डिजाइनों पर आधारित होंगे।
इसके अलावा नूंह जिले के साकरस गांव में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को भी राज्य सरकार ने स्वीकृति दे दी है, जिससे इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा। सिरसा जिले के रानिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के लिए जमीन समतल करने और इंटरलॉक पेवमेंट ब्लॉक लगाने का कार्य भी स्वीकृत किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और बजट में इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। इन सभी निर्माण कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण अंचल के मरीजों को घर के द्वार के पास ही उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।
