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सरकारी योजनाएँ

केंद्र सरकार का ‘वयो सम्मान’ राष्ट्रीय अभियान आज से शुरू: बुजुर्गों और युवाओं के बीच बनेगा सेतु, Vayo SAATHI स्वयंसेवक बनने का मौका

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: केंद्र सरकार का ‘वयो सम्मान’ राष्ट्रीय अभियान आज से शुरू: बुजुर्गों और युवाओं के बीच बनेगा सेतु, Vayo SAATHI स्वयंसेवक बनने का मौका
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 1:32 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए ‘वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ की शुरुआत की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 4 नवंबर को नई दिल्ली में इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की प्रमुख योजना अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत चलाया जा रहा है। इसका मकसद पीढ़ियों के बीच सार्थक और लगातार जुड़ाव को एक संस्थागत रूप देना है, ताकि आपसी सम्मान, समझ, साथ और साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा मिल सके। मंत्रालय का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों को सिर्फ कल्याण का लाभार्थी नहीं, बल्कि समाज के सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में पहचाना जाना चाहिए।

अभियान ‘5C’ मॉडल पर आधारित है — Connect, Converse, Co-create, Contribute और Continue। यानी पहले जुड़ना, फिर संवाद करना, साथ मिलकर कुछ बनाना, योगदान देना और इस जुड़ाव को लगातार बनाए रखना। इसे 12 विषयगत क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इनमें ’30 मिनट्स टुगेदर’, ‘टीच मी — आई विल टीच यू’, ‘माई स्टोरी, माई इंडिया’, ‘डिजिटल दादा-दादी / डिजिटल साथी’, ‘जनरेशन हेल्थ एंड वेलनेस’ और ‘सिल्वर स्किल्स — सीनियर्स एज मेंटर्स’ जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन गतिविधियों के जरिए साथ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, मौखिक इतिहास, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल साझा करना और मार्गदर्शन जैसे कामों को बढ़ावा दिया जाएगा। परिवारों, शिक्षण संस्थानों, युवा संगठनों और स्थानीय संस्थाओं से अपील की गई है कि वे पीढ़ियों के बीच मिलने-जुलने के मौके तैयार करें।

अभियान का एक अहम हिस्सा ‘Vayo SAATHI’ स्वयंसेवक पहल है। SAATHI का अर्थ है Support, Awareness, Assistance, Training, Health and Inclusion — यानी सहयोग, जागरूकता, सहायता, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और समावेशन। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी नागरिक इस पहल से जुड़कर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपना समय, कौशल और संसाधन दे सकता है। युवा स्वयंसेवक बुजुर्गों को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल सिखाने में मदद करेंगे और साइबर धोखाधड़ी जैसी आशंकाओं को पहचानने में भी उनका साथ देंगे। इच्छुक नागरिक वरिष्ठ नागरिक कल्याण (SCW) SAMAVESH पोर्टल या JEEVAN ऐप के जरिए स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकृत स्वयंसेवकों को उनके योगदान की पहचान के रूप में Vayo SAATHI प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

इस अभियान की पृष्ठभूमि में देश की बदलती जनसांख्यिकी है। मंत्रालय के अनुसार भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु की आबादी 2011 में करीब 10 करोड़ थी, जो 2036 तक बढ़कर लगभग 23 करोड़ हो जाने का अनुमान है — यानी कुल आबादी में इनका हिस्सा 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 14.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन और सामाजिक समावेशन को सामुदायिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम में अभियान की हैंडबुक भी जारी की गई, जिसमें इसके उद्देश्य, क्रियान्वयन ढांचा और सामुदायिक भागीदारी के तरीके बताए गए हैं। साथ ही विभाग ने श्री राम चंद्र मिशन और अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, जोधपुर के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जिनके तहत ध्यान, योग और अन्य वेलनेस कार्यक्रमों के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, युवा समूह, गैर-सरकारी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और सीएसआर भागीदारों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है।


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