केंद्र सरकार का PSU कर्मचारियों को तोहफा: CPSE अधिकारियों का IDA बढ़कर 59.1% हुआ, 1 अक्टूबर 2026 से लागू
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग (DPE) ने औद्योगिक महंगाई भत्ता (IDA) की नई दरें अधिसूचित कर दी हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। नई व्यवस्था के तहत 2017 वेतनमान वाले अधिकारियों का IDA 55.7 प्रतिशत से बढ़कर 59.1 प्रतिशत हो गया है — यानी हर एक लाख रुपये के मूल वेतन पर हर महीने 3,400 रुपये की बढ़ोतरी।
यह बढ़ोतरी 27 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के तहत की गई है। इसका लाभ बोर्ड स्तर और बोर्ड स्तर से नीचे के पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा गैर-संघीकृत पर्यवेक्षकों को मिलेगा, जो 1987, 1997, 2007 और 2017 वेतनमानों के तहत आते हैं। सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों से कहा गया है कि वे अपने अधीन आने वाले उपक्रमों को इस संशोधन की जानकारी दें, ताकि बढ़ी हुई दर समय पर लागू हो सके।
विभिन्न वेतनमानों के लिए नई दरें अलग-अलग तय की गई हैं। 2017 वेतनमान पर IDA 59.1 प्रतिशत, 2007 वेतनमान पर 249.2 प्रतिशत और 1997 वेतनमान पर 489.5 प्रतिशत होगा। पुरानी गणना प्रणाली वाले 1987 वेतनमान के लिए भत्ता एक तय राशि के रूप में मिलेगा — औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 10069 के आधार पर यह राशि 18,728 रुपये होगी, जिसमें 215 अंक यानी 430 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशतों में यह अंतर इसलिए दिखता है, क्योंकि हर वेतनमान का मूल वेतन अलग-अलग समय पर तय हुआ है — प्रतिशत अलग होने के बावजूद वास्तविक लाभ की गणना अपने-अपने मूल वेतन पर होती है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह बढ़ोतरी CPSE/PSU कर्मचारियों के IDA से जुड़ी है, न कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA से। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA पर अलग फैसला 28 अक्टूबर 2026 को हो चुका है — केंद्रीय मंत्रिमंडल ने DA 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। IDA की दर हर तिमाही में औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर संशोधित होती है, और अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की दर अब औपचारिक रूप से अधिसूचित हो गई है।
सरकार के इस फैसले से सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले हजारों अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को महंगाई के मुकाबले सीधी राहत मिलेगी। बढ़ी हुई दर अक्टूबर से प्रभावी होने के कारण कर्मचारियों को इस तिमाही का लाभ पूरा मिलेगा।
