रोहतक में बीजेपी की लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा: नितिन नवीन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में रविवार को हरियाणा के रोहतक में लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा छोटूराम पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर मॉडल टाउन के डी-पार्क तक पहुंची, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्च में पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
पदयात्रा का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हरियाणा भाजपा प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने किया। हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी इस मार्च में शामिल हुए। बताया गया है कि 12 जिलों के भाजपा कार्यकर्ता इस पदयात्रा का हिस्सा बने और राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय घेरा बनाया गया था।
भाजपा ने यह पदयात्रा अपने देशव्यापी लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान के तहत निकाली है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी को लेकर भ्रामक सूचनाएं फैला रहा है और सुनियोजित तरीके से अराजकता पैदा करने का प्रयास कर रहा है। इसी के जवाब में भाजपा ने सड़कों पर उतरकर अपना पक्ष रखने का फैसला किया है। यह मार्च उसी दिन निकला जब दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की रैली आयोजित हुई।
पदयात्रा के दौरान अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं बल्कि राहुल गांधी का राजतंत्र चल रहा है। नवीन ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने और अराजकता को हटाने के लिए सड़कों पर उतरकर कांग्रेस को चुनौती देना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
रोहतक को इस अभियान की शुरुआत के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि इसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का राजनीतिक गढ़ माना जाता है और रोहतक लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का संसदीय क्षेत्र है। भाजपा का कहना है कि यह अभियान प्रदेश की सभी 10 लोकसभा सीटों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और आने वाले दिनों में कांग्रेस के राजनीतिक गढ़ों में इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। इससे पहले 28 अक्टूबर को दिल्ली के चांदनी चौक में भी इसी अभियान के तहत पदयात्रा निकाली गई थी।
