हरियाणा दिवस हीरक जयंती कुरुक्षेत्र: राष्ट्रपति मुर्मू मुख्य अतिथि, CM सैनी ने कहा — हर बेटी के लिए प्रेरणा
हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने पर कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय हीरक जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में हुए इस समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार और राज्य के लगभग 2.75 करोड़ निवासियों की ओर से राष्ट्रपति का हार्दिक स्वागत किया। एक नवंबर 1966 को हरियाणा अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था और रविवार को उसकी 60वीं वर्षगांठ मनाई गई।
समारोह में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राष्ट्रपति की मौजूदगी राज्य के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा हरियाणा की हर उस बेटी के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो बड़े सपने देखती है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की पहचान के रूप में मेहनती किसानों, बहादुर सैनिकों, सफल खिलाड़ियों और सशक्त महिलाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हरियाणा की बेटियों की उपलब्धियाँ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का कारण हैं।
खेलों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रमंडल खेलों में 11 पदक और एशियाई खेलों में 32 पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया में तिरंगा ऊँचा लहराता है तो उस उपलब्धि में हरियाणा की मिट्टी की खुशबू झलकती है। यह उपलब्धि प्रदेश के खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम है जिसने हरियाणा को खेलों के मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है।
आर्थिक योगदान पर मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल 1.34 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 3.6 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भारत में बनने वाली हर तीन यात्री कारों में से दो हरियाणा में बनती हैं और देश के बासमती चावल निर्यात में हरियाणा का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक है। इससे हरियाणा के कृषि उत्पादों की सुगंध दुनिया भर की भोजन की मेजों तक पहुँचती है।
राष्ट्रपति के दिन की शुरुआत प्राचीन शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद उन्होंने हरियाणा की छह दशकों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें कृषि, खेल, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियाँ दिखाई गईं। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव में स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान की शताब्दी भी मनाई गई। मुख्यमंत्री ने आधुनिक हरियाणा की नींव रखने वाले महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी और मानवता, भाईचारे तथा पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए निरंतर विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।
