PM मोदी ने भुवनेश्वर में किया RBI के 169 करोड़ डेटा सेंटर का उद्घाटन: साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी शुरू
भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। 169 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सुविधा जटनी के इन्फो वैली-II में 18.55 एकड़ जमीन पर फैली है। इसका शिलान्यास 22 मार्च 2023 को तत्कालीन आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया था। यह डेटा सेंटर देश की वित्तीय व्यवस्था की डिजिटल रीढ़ को मजबूत करेगा। यहां भुगतान और निपटान (पेमेंट एंड सेटलमेंट) जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियां चलेंगी, जिससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच, गति और भरोसा और बढ़ेगा। यह केंद्र मुंबई के खारघर स्थित आरबीआई के मुख्य डेटा सेंटर का बैकअप होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश की वित्तीय प्रणालियां बिना रुके चलती रहें। सरकार के मुताबिक यह सुविधा भारत की तकनीक-आधारित वित्तीय अर्थव्यवस्था की सुरक्षित डिजिटल नींव बनेगी। इसी परिसर में एंटरप्राइज कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी शुरू हुआ है। यह संस्थान साइबर सुरक्षा और उद्यम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का काम करेगा, जिससे बैंकिंग क्षेत्र के पेशेवरों को नई तकनीकों में दक्ष बनाया जा सकेगा। जगह का चुनाव सोच-समझकर किया गया है — यह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों और संवेदनशील सीमा इलाकों से दूर है, जिससे प्राकृतिक आपदा और भू-राजनीतिक जोखिम कम रहेंगे। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री जुआल ओरम और ओडिशा के उपमुख्यमंत्री भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री दोपहर 4.15 बजे बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, वहां से हेलीकॉप्टर से खुर्दा गए और फिर सड़क मार्ग से आरबीआई परिसर पहुंचे। सुरक्षा के लिए करीब 2100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह डेटा सेंटर ओडिशा की विकास यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगा। प्रधानमंत्री का यह दौरा वाराणसी के बाद उनका दूसरा पड़ाव था, जहां उन्होंने सुबह वायुसेना के एयर शो का आनंद लिया था और गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। भुवनेश्वर में आरबीआई सुविधा का उद्घाटन डिजिटल इंडिया और सुरक्षित वित्तीय बुनियादी ढांचे की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
