अमित शाह ने दिल्ली में ₹8,941 करोड़ की यमुना सफाई परियोजनाओं की शुरुआत: मई 2029 तक साफ होगी यमुना, कांग्रेस-AAP पर तीखा हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में यमुना की सफाई से जुड़ी 33 परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत ₹8,941 करोड़ है। बाहरी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की इन परियोजनाओं को यमुना को नया जीवन देने वाला कदम बताया। शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार और तीन राज्य सरकारें मिलकर समयबद्ध योजना पर काम कर रही हैं, जिससे मई 2029 तक यमुना पूरी तरह साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा 2029 में यमुना के पुनरुद्धार के बाद जनता से जनादेश मांगेगी।
गृह मंत्री ने पिछली कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकारों को यमुना के बिगड़ने का जिम्मेदार ठहराया। शाह ने कहा कि पहले की सरकारों ने नालों का गंदा पानी यमुना में गिरने दिया, जबकि भाजपा सरकार ने इस निर्वहन में कमी लाई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों से दो करोड़ टन से अधिक कचरा हटाया जा चुका है और दो वर्षों के भीतर इन जगहों को सार्वजनिक उद्यानों में बदला जाएगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने ‘वोट चोरी’ और ईवीएम पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस तथा AAP नेताओं की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शन और धरने से कुछ नहीं होगा” और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब वह जीतती है तो चुनाव आयोग को स्वीकार करती है और हारती है तो उसे दोष देती है। शाह ने यह भी कहा कि ‘नकारात्मक राजनीति’ के कारण कांग्रेस अगले 30 साल तक सत्ता से दूर रहेगी। राहुल गांधी के विदेश दौरों पर तंज कसते हुए शाह बोले, “मैं यहीं पैदा हुआ हूं, यहीं रहता हूं और यहीं मरूंगा। मुझे हर छह महीने में विदेश नहीं जाना पड़ता।”
शाह ने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा सियासी संकेत दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब में इस बार एनडीए की सरकार बनने जा रही है”, जिससे भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन की अटकलों को बल मिला है। शाह ने दावा किया कि पंजाब में नशे का कारोबार एनडीए सरकार बनने के बाद समाप्त किया जाएगा और AAP की ‘बहानेबाजी की राजनीति’ उसे चुनावों में नहीं बचा पाएगी।
