पंचकूला में 2 नवंबर को जनप्रतिनिधि सम्मेलन: ओम बिरला करेंगे उद्घाटन, सैनी और राज्यपाल भी होंगे शामिल
हरियाणा विधान सभा की ओर से 2 नवंबर को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हरियाणा विधान सभा के संविधान पखवाड़े का शुभारंभ होगा, जो लोक सभा के सहयोग से संविधान, संसदीय प्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं पर केंद्रित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे, जबकि समापन सत्र में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य भाषण देंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित प्रदेश के वर्तमान और पूर्व विधायक भी इसमें भाग लेंगे।
सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार सुबह 10 बजे लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ होगा, जिसके बाद जनप्रतिनिधियों का सामूहिक छायाचित्र लिया जाएगा। पहला सत्र सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण स्वागत भाषण के साथ सत्र का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद क्रमशः नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने विचार रखेंगे। सत्र के अंत में संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
दोपहर भोज के बाद दूसरा सत्र दोपहर 1 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा। इस सत्र में वर्तमान और पूर्व विधायक हरियाणा की प्रगति के गौरवमयी सफर तथा विकसित हरियाणा के लक्ष्य के लिए जनभागीदारी और नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। विधान सभा अध्यक्ष के अनुसार 31 विधायकों और पूर्व विधायकों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने की इच्छा जताई है।
सम्मेलन का समापन सत्र शाम 5 बजे शुरू होगा। इसमें हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य भाषण देंगे। इससे पहले विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने विचार रखेंगे। विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि इस सम्मेलन का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा संसदीय प्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है। सम्मेलन में प्रदेश के वर्तमान और पूर्व विधायक एक मंच पर एकत्रित होकर विधायी संस्थाओं की भूमिका, जनप्रतिनिधियों के दायित्वों और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। तैयारियों के तहत विधान सभा अध्यक्ष ने 29 अक्टूबर को अधिकारियों के साथ इंद्रधनुष ऑडिटोरियम का दौरा कर गार्ड ऑफ ऑनर, सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, पंजीकरण, स्वागत और मीडिया प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था।
