हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुग्राम में कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का पतन तय है और अब उसे कोई नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अपना मन बना लिया है और आने वाले चुनाव में सरकार के कामकाज का हिसाब मांगा जाएगा। यह बयान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आया है, जिसकी सियासी हलचल अभी से तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी खुद को कट्टर ईमानदार बताती थी, आज उसी की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के कुछ विधायक सरकार की कार्यशैली से परेशान होकर आम आदमी पार्टी छोड़ चुके हैं और भाजपा में शामिल हो गए हैं। सैनी ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें टावर से नोटों की बारिश होती दिखी थी, और कहा कि यह दृश्य पूरे पंजाब ने देखा है। उनके मुताबिक यही हालात बताते हैं कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है।
नशे के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले तीन से छह महीने के भीतर पंजाब से नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन आज प्रदेश की स्थिति सबके सामने है। सैनी ने एक आश्रम से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ सीसीटीवी में यह सामने आया कि नशा पुलिसवालों ने ही रखा था, जिसके बाद पूरी टीम बनाकर लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएँ पंजाब सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती हैं और जनता इसे देख रही है।
कांग्रेस को भी मुख्यमंत्री ने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी पंजाब के लोगों से बड़े-बड़े वादे किए थे — हर घर में नौकरी देने और नशा खत्म करने की बात कही थी — लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही नशा खत्म हुआ, बल्कि कांग्रेस के समय में पंजाब में नशा और बढ़ गया। सैनी ने कहा कि पंजाब के लोग भोले हैं और वादों में आ गए, लेकिन अब वे राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के आधार पर फैसला करेंगे। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
गौरतलब है कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। अब 2027 के चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस और सत्ताधारी आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है। जिस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह बयान दिया, उसमें गुरुग्राम कष्ट निवारण समिति के 15 एजेंडों में से 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में चर्चा और तेज हो गई है।

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