हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नवंबर महीने की थाली अब और पौष्टिक होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने नवंबर 2026 के लिए मिड-डे मील का नया मेन्यू जारी कर दिया है, जो 2 नवंबर से लागू हो गया है। इस मेन्यू के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पूरे महीने में 17 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। मौसम बदलने के साथ बच्चों को गर्म तासीर वाला संतुलित भोजन देने पर खास जोर दिया गया है, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ उनका पोषण भी बेहतर बना रहे। पारंपरिक दाल-रोटी और चावल के साथ-साथ बाजरा, रागी और सोया जैसे पोषक अनाजों को भी मेन्यू में जगह दी गई है।
मिड-डे मील योजना के तहत भोजन की सामग्री लागत भी तय की गई है। प्राथमिक कक्षाओं के प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिदिन 6.78 रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे के लिए प्रतिदिन 10.17 रुपये की सामग्री लागत निर्धारित है। इसी राशि में तय मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करवाने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। योजना का दायरा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा जिलों के आंकड़ों से लगता है। अकेले जींद जिले के राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा के 52 हजार से अधिक विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। यमुनानगर जिले में 592 प्राथमिक और 227 माध्यमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है, जबकि रेवाड़ी जिले में इस योजना के तहत कुल 638 केंद्र संचालित हैं।
मेन्यू को सप्ताह के हिसाब से बांटा गया है, ताकि बच्चों को हर दिन कुछ अलग और स्वादिष्ट मिले। पहले सप्ताह में सब्जी पुलाव के साथ काला चना, रोटी के साथ घीया-चना दाल, राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा के साथ चावल और गुड़ रोटी के साथ दही परोसा जाएगा। छोटी दिवाली पर विशेष मेन्यू रहेगा। दूसरे सप्ताह में बच्चों को मीठा दलिया, चावल के साथ सफेद चना, चना दाल खिचड़ी और मिर्ची परांठा के साथ दही दिया जाएगा। इस तरह हर सप्ताह का मेन्यू पहले से तय है और स्कूलों को उसी के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाना होगा।
तीसरे सप्ताह में दाल-चावल, रोटी के साथ मूंग-मसूर की दाल, मिर्ची रोटी के साथ मौसमी सब्जी, मीठे मूंगफली चावल, नमकीन दलिया और गेहूं-रागी का चूरमा मेन्यू में शामिल है। चौथे सप्ताह में फिर सब्जी पुलाव के साथ काला चना, राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा के साथ चावल, गुड़ रोटी के साथ दही और मिलेट परांठा के साथ दही मिलेगा। महीने के अंतिम दिन बच्चों को सोया खिचड़ी परोसी जाएगी। कुल मिलाकर महीने भर में राजमा-चावल, कढ़ी-पकौड़ा, गुड़ वाली रोटी-दही, मूंगफली चावल, मीठा दलिया, मिस्सी पराठा, मिलेट्स पराठा और सोया खिचड़ी सहित 17 व्यंजन बच्चों की थाली में आएंगे।
इस नए मेन्यू का मकसद सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देना है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम में बच्चों को गर्म और पोषक भोजन की जरूरत ज्यादा होती है, और इसी सोच के साथ इस बार के मेन्यू में पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिलेट्स और सोया को भी जोड़ा गया है। अभिभावक अपने बच्चे के स्कूल में जाकर नवंबर महीने का मेन्यू देख सकते हैं और यह जान सकते हैं कि किस दिन कौन सा व्यंजन परोसा जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि प्रदेश के किसी भी सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा इस पौष्टिक योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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