हरियाणा की मनीषा भानवाला ने रचा इतिहास: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
हरियाणा के जींद जिले की बेटी मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में खेले गए सीनियर विश्व चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में 29 वर्षीय मनीषा ने अमेरिका की एबिगेल नेटे को 8-6 से हराया। इस जीत के साथ वह विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। उनसे पहले 2010 में सुशील कुमार ने पुरुष वर्ग में विश्व खिताब जीता था, यानी मनीषा देश की दूसरी विश्व चैंपियन पहलवान हैं।
फाइनल मुकाबला मनीषा के लिए आसान नहीं रहा। एक समय वह 0-6 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार अंक बटोरते हुए उन्होंने मुकाबले का रुख पलट दिया और 8-6 से जीत दर्ज कर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। यह वापसी ही उनकी इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी कहानी बन गई है।
इस सफलता से पहले मनीषा को एशियाई खेलों में निराशा हाथ लगी थी, जहां वह 57 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जापान की अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार गई थीं। दोनों प्रतियोगिताओं के बीच कम अंतर होने के कारण वजन घटाना कठिन था, इसलिए उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम वर्ग में उतरने का फैसला किया — और यही फैसला उन्हें विश्व चैंपियन बना गया।
मनीषा की जीत के साथ भारतीय महिला कुश्ती टीम ने इस विश्व चैंपियनशिप में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। नीलम सिरोही और काजल ढोचक ने रजत पदक जीते, जबकि तनु शर्मा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह भारतीय महिला पहलवानों ने एक ही विश्व चैंपियनशिप में चार पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मनीषा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है। हरियाणा के लिए यह गर्व का क्षण है, क्योंकि प्रदेश की बेटियों ने कुश्ती में एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। मनीषा ने अब अपनी नजरें 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर टिका दी हैं, जहां वह 57 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतना चाहती हैं।
