हरियाणा कैबिनेट बैठक 3 नवंबर को: सैनी की अध्यक्षता में 25000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बनेगी रणनीति
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 3 नवंबर को राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होगी। यह बैठक हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित की जाएगी और इसके आयोजन को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से शनिवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकार ने अभी तक बैठक का औपचारिक एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सबसे ज्यादा नजर मुख्यमंत्री के हालिया गुजरात दौरे के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों पर रहेगी। मुख्यमंत्री हाल ही में गुजरात के दो दिवसीय दौरे से लौटे हैं, जहां उन्होंने उद्योगपतियों, निवेशकों और प्रवासी भारतीयों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की थीं। इस दौरे के दौरान प्रदेश में करीब 25000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश प्रस्ताव सामने आने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में 3 नवंबर की कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने और उन्हें जमीन पर उतारने के लिए रणनीति तैयार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। गुजरात दौरे में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लगभग 1400 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब 2900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल रहे। इन क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान निवेशकों के साथ हुई बैठकों में हरियाणा की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल माहौल पर भी चर्चा हुई थी। इस बैठक का समय इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके ठीक दो दिन बाद 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरियाणा के दौरे पर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री करनाल में भाजपा की प्रजातंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल होंगे। कैबिनेट बैठक से पहले सियासी हलचल बढ़ गई है और प्रदेश में विकास व निवेश के एजेंडे पर सरकार की तैयारियों को लेकर चर्चा तेज है। मुख्यमंत्री सैनी की सरकार लगातार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और विकास परियोजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है। गुजरात दौरे से मिले प्रस्तावों को यदि कैबिनेट स्तर पर ठोस रूप मिलता है, तो इससे हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ सकता है। अब सबकी नजर 3 नवंबर की बैठक पर है, जिसमें इन निवेश प्रस्तावों को लेकर सरकार की आगे की रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
