कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। सोनिया गांधी ने अपनी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के 10 नवंबर को विश्वभर में प्रकाशन से पहले द हिंदू को दिए साक्षात्कार में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुँचा है और लोग अब इस नुकसान को पहचान रहे हैं। उन्होंने चुनावों में धांधली के आरोपों को भी दोहराया और 1975 में लगाए गए आपातकाल को संवैधानिक बताते हुए उसका बचाव किया। भाजपा ने इन टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुग ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि सोनिया गांधी अगर ‘इटैलियन चश्मा’ उतारकर देखें तो उन्हें भारत की तरक्की साफ दिखेगी — सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के साथ भारत 7.8 प्रतिशत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर के साथ वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। चुग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास दशकों से जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति के जरिए देश को बाँटने का रहा है। उन्होंने सोनिया गांधी से कहा कि वे अपनी आत्मकथा में कांग्रेस शासन के घोटालों, 1984 के सिख विरोधी दंगों, भोपाल गैस त्रासदी और बोफोर्स प्रकरण पर भी लिखें।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि सोनिया गांधी आपातकाल को सही ठहराकर इंदिरा गांधी को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनका जनसंपर्क अभियान सच्चाई को नहीं छिपा सकता। भंडारी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और राजीव गांधी ने ‘एक बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ वाली टिप्पणी से 1984 की घटनाओं को सही ठहराकर उसी विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों पर आँकड़ों से जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान नियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त वी. एस. संपत के कार्यकाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 75 प्रतिशत चुनाव जीते थे, जबकि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में यह दर करीब 66 प्रतिशत है — ऐसे में वोट चोरी का आरोप ही बेबुनियाद है।
महाराष्ट्र के एक भाजपा विधायक ने भी सोनिया गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी किताब आत्मकथा कम, उनके बेटे राहुल गांधी के बार-बार असफल प्रक्षेपणों का महिमामंडन ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य के लिए पूरे देश को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकतीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम की जनता ने सराहना की है, इसीलिए वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। विधायक ने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 21 महीनों तक देश पर आपातकाल थोपा गया, एक लाख दस हजार से अधिक लोगों को प्रताड़ित कर जेल में डाला गया और अखबारों पर पाबंदियाँ लगाई गईं। सोनिया गांधी की 544 पृष्ठों की आत्मकथा हार्पर कॉलिन्स इंडिया से प्रकाशित हो रही है, जिसमें उनके विवाह, परिवार और भारत में ढलने के अनुभवों के साथ राजनीति की पृष्ठभूमि भी दर्ज है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर क्या कहा? — पिछले 12 वर्षों में लोकतांत्रिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुँचा है, लोग बेचैन हो रहे हैं; चुनावों में धांधली के आरोप भी दोहराए।
2. BJP ने ‘इटैलियन चश्मा’ वाली बात क्यों कही? — तरुण चुग ने कहा कि चश्मा उतारकर देखें तो 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि और सबका साथ-सबका विकास की तरक्की साफ दिखेगी।
3. आपातकाल पर सोनिया गांधी ने क्या कहा? — उन्होंने कहा कि आपातकाल संवैधानिक रूप से लगाया गया था, हालाँकि लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगी थी।
4. वोट चोरी के आरोप पर BJP का आँकड़ों वाला जवाब क्या है? — प्रदीप भंडारी: संपत के कार्यकाल में NDA ने 75 प्रतिशत चुनाव जीते, ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में करीब 66 प्रतिशत — आरोप बेबुनियाद है।
अगला कदम: भाजपा की चुनावी तैयारी की खबर पढ़ें — https://www.viksitharyana.com/amit-shah-uttarakhand-bjp-65-seats-target-2027/

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