Viksit Haryana

हरियाणा की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएँ और विकास की हर अपडेट

विकास

अमित शाह ने NCDC की 93वीं बैठक में दिया 25 साल का रोडमैप: सहकारिता को ₹4.14 लाख करोड़ की मदद

Spread the love

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की 93वीं सामान्य परिषद की बैठक हुई। बैठक में सहकारिता क्षेत्र की वित्तीय और संस्थागत उपलब्धियों की समीक्षा की गई और निगम के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इस दौरान शाह ने एनसीडीसी के लिए अगले 25 साल का व्यापक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि सहकारिता आंदोलन देश के हर कोने तक और मजबूती से पहुँचे।

बैठक में रखे गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से 25 अक्टूबर 2026 तक एनसीडीसी ने सहकारी संस्थाओं को कुल 4,14,586 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है। वित्त वर्ष 2025-26 में निगम ने 1,55,408 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ स्वीकृत कीं और 1,27,596 करोड़ रुपये वितरित किए। इस दौरान निगम को 1,475 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, ऋण वसूली दर 99.84 प्रतिशत रही और शुद्ध एनपीए शून्य रहा। पाँच साल में निगम का वार्षिक वितरण 2020-21 के 24,733 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,27,596 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है — यानी लगभग पाँच गुना वृद्धि।

शाह ने कहा कि एनसीडीसी ने पिछले करीब पाँच साल में वित्तीय प्रदर्शन, लक्ष्य प्राप्ति, प्रति कर्मचारी लाभ, ऋण स्वीकृति और वितरण में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने निगम की सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुँच की सराहना की और कहा कि लद्दाख व छोटे पूर्वोत्तर राज्यों तक कार्यालयों का विस्तार सहकारिता को दूर-दराज के इलाकों तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने अमूल, इफको और लिज्जत पापड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारी मूल्य और पेशेवर प्रबंधन मिलकर विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान खड़े कर सकते हैं।

आने वाले वर्षों के लिए भी बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 1.70 लाख करोड़, 2027-28 में 2.10 लाख करोड़ और 2028-29 में 2.50 लाख करोड़ रुपये के वितरण का लक्ष्य है, जबकि 2029-30 और 2030-31 में यह आंकड़ा लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक ले जाने की बात कही गई है। पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए 2030 तक पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र की आय में लगभग 32,800 करोड़ रुपये की वृद्धि और करीब आठ लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

बैठक में सहकार नवाचार योजना की भी जानकारी दी गई, जिसके तहत पात्र सहकारी समितियों को 25 लाख रुपये तक शत-प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। अब तक पाँच समितियों को 85 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हो चुका है। साथ ही सहकारी क्षेत्र में 1,863 किसान उत्पादक संगठन पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,117 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के माध्यम से बने हैं। शाह ने सहकारी चीनी मिलों के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था आधारित नए व्यापार मॉडल अपनाने और युवाओं को नई बहु-राज्य सहकारी समितियों से जोड़ने पर भी जोर दिया।


Spread the love

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *