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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा युद्ध विधवा सहायता 2026: शहीद जवान की विधवा को ₹7,000 महीना, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा युद्ध विधवा सहायता 2026: शहीद जवान की विधवा को ₹7,000 महीना, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 9 नवम्बर 2026, 2:43 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के जिस जवान ने देश के लिए अपनी जान दी — थल सेना, नौसेना या वायु सेना में, घोषित युद्ध में कार्रवाई के दौरान शहीद हुआ — उसकी विधवा को भारत सरकार से फैमिली पेंशन तो मिलती ही है, हरियाणा सरकार उसके ऊपर हर महीने अलग से वित्तीय सहायता भी देती है। यही “Financial Assistance to War Widows of Defence Forces” योजना है। 2016 में यह सहायता ₹3,000 महीना तय हुई थी, और उसी मेमो में हर साल ₹400 की बढ़ोतरी का नियम लिखा है — इस नियम से 1 नवंबर 2026 से दर ₹7,000 महीना बनती है। ध्यान दें — ₹7,000 का आँकड़ा मेमो के बढ़ोतरी नियम से निकाली गई गणना है, कोई नया मेमो नहीं; ताज़ा दर जिला सैनिक बोर्ड से लिखित में पुष्ट कर लें।

इस योजना को समझने से पहले सबसे बड़ा भ्रम दूर कर लें — यह ₹600 महीने वाली भूतपूर्व सैनिक सहायता (गाइड 7743) नहीं है। वह सहायता उन्हीं को मिलती है जिन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही; यह सहायता ठीक उल्टी है — यह फैमिली पेंशन पा रही युद्ध विधवा को उसके ऊपर मिलती है। यह ₹3,200 महीने वाली विधवा पेंशन (गाइड 6019) भी नहीं है — वह फैमिली पेंशन पाने वाली महिलाओं को नहीं मिलती।

योजना एक नज़र में

बिंदु विवरण
योजना का नाम Financial Assistance to War Widows of Defence Forces (रक्षा बलों की युद्ध विधवाओं को वित्तीय सहायता); myScheme की हरियाणा सूची में क्रमांक 16
चलाने वाला सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा (राज्य सैनिक बोर्ड), सेक्टर-12, पंचकूला
लाभ हर महीने वित्तीय सहायता — भारत सरकार से मिलने वाली फैमिली पेंशन के अलावा
दर (नवंबर 2026) ₹7,000 महीना — मेमो 29.10.2016 के ₹400/साल बढ़ोतरी नियम से गणना; ताज़ा दर ZSB से पुष्ट करें
किसे मिलेगा रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के उस जवान की विधवा, जो घोषित युद्ध में कार्रवाई के दौरान शहीद हुआ
पेंशन शर्त भारत सरकार से फैमिली पेंशन मिल रही हो — यह सहायता उसके अलावा मिलती है
आवेदन ऑनलाइन — अंत्योदय सरल पोर्टल (“Financial Assistance to war widows of Defence Forces” सेवा); ऑफलाइन — जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय
अंतिम तारीख कोई नहीं — साल भर आवेदन किया जा सकता है
बजट शीर्ष 2235-SSW-60-OSSWP-200-OP-(76)-09-GIA, माँग संख्या 22 (गैर-योजना)
2024-25 बजट ₹1.34 करोड़; 18 फरवरी 2025 तक ₹95.94 लाख खर्च (विभाग का बजट विवरण)

कितनी सहायता मिलेगी? — दर का पूरा इतिहास

इस योजना की दर एक बार तय होकर रुकी नहीं — 2016 के मेमो में ही हर साल बढ़ोतरी का नियम लिख दिया गया था। नीचे दी गई तालिका में हर साल की दर है; 2017 के बाद की दरें मेमो के नियम (₹400 सालाना बढ़ोतरी) से निकाली गई गणना हैं।

कब से दर (महीना) आधार
1.11.2016 से पहले ₹2,000 पुरानी दर (2010/2014 के मेमो)
1.11.2016 ₹3,000 मेमो 23/1/2005-3D-III, 29.10.2016 — ₹2,000 से बढ़ाकर
1.11.2017 ₹3,400 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2018 ₹3,800 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2019 ₹4,200 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2020 ₹4,600 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2021 ₹5,000 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2022 ₹5,400 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2023 ₹5,800 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2024 ₹6,200 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2025 ₹6,600 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम)
1.11.2026 ₹7,000 ₹400 सालाना बढ़ोतरी (मेमो का नियम) — मौजूदा दर, गणना से

गणना साफ है — ₹3,000 (2016) + 10 साल × ₹400 = ₹7,000। मेमो में बढ़ोतरी की कोई सीमा नहीं लिखी है, और विभाग की वेबसाइट पर इस योजना का कोई नया मेमो नहीं मिला — इसलिए ₹7,000 को इस गाइड में मौजूदा दर माना गया है। फिर भी, आवेदन से पहले ताज़ा दर अपने जिला सैनिक बोर्ड से लिखित में ज़रूर पूछ लें — अगर बढ़ोतरी किसी साल रुकी हो या कोई नया आदेश आया हो, तो वही दर लागू होगी।

सबसे बड़ा भ्रम — यह योजना बनाम दूसरी विधवा योजनाएँ

हरियाणा में विधवाओं के लिए कई योजनाएँ हैं और सबकी शर्तें अलग हैं — सबसे ज़्यादा भ्रम इसी बात पर होता है कि कौन-सी योजना किसे मिलेगी। नीचे दी गई तालिका से फर्क साफ समझें।

योजना किसके लिए रकम पेंशन शर्त
यह योजना — युद्ध विधवा सहायता घोषित युद्ध में शहीद जवान की विधवा ₹7,000/महीना (2026, गणना से) फैमिली पेंशन के अलावा मिलती है
भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता (गाइड 7743) 60+ भूतपूर्व सैनिक व उनकी विधवा ₹600/महीना (2006 की दर) कोई पेंशन नहीं मिल रही हो — तभी मिलेगी
द्वितीय विश्व युद्ध सहायता 31 अगस्त 1945 से पहले भर्ती सैनिक/विधवा ₹10,000/महीना (नवंबर 2017) —
विधवा पेंशन, SJ&E (गाइड 6019) 18+ विधवा/निराश्रित महिला, आय < ₹3 लाख ₹3,200/महीना फैमिली पेंशन पाने वालों को नहीं मिलती
KSB होम लोन ब्याज सब्सिडी (गाइड 7505) युद्ध विधवा (केंद्रीय योजना) होम लोन पर 50% ब्याज सहायता —
शहीद सम्मान (गाइड 6075) शहीद के परिवार ₹1 करोड़ एकमुश्त अनुग्रह राशि —

कौन पात्र है?

नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए — 2016 के मेमो में यही शर्तें हैं; जहाँ मेमो चुप है, वहाँ गाइड में साफ लिखा है।

शर्त विवरण
विधवा रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना या वायु सेना) के जवान की विधवा हों
शहादत पति घोषित युद्ध में कार्रवाई के दौरान शहीद हुआ हो (“killed in action during declared war”)
फैमिली पेंशन भारत सरकार से फैमिली पेंशन मिल रही हो — यह सहायता उसके अलावा मिलती है
निवास हरियाणा की स्थायी निवासी हों (विभाग की सामान्य शर्त — ZSB से पुष्ट करें)
पुनर्विवाह 2016 के मेमो में इस बारे में कुछ नहीं लिखा — ZSB से पूछ लें
आय / उम्र मेमो में कोई आय सीमा या उम्र सीमा नहीं लिखी — कोई सीमा नहीं मानी गई है

कौन पात्र नहीं है?

नीचे दी गई किसी भी स्थिति में इस योजना से सहायता नहीं मिलेगी — आवेदन करने से पहले खुद को इस सूची से जाँच लें।

  • पति की मृत्यु युद्ध में नहीं हुई हो — जैसे सेवा के दौरान बीमारी या दुर्घटना से मृत्यु; ऐसे मामलों के लिए शहीद सम्मान/अनुग्रह राशि की अलग नीति है, यह योजना नहीं।
  • पति अर्धसैनिक बल (CAPF/पैरा-मिलिट्री) का जवान हो — यह योजना सिर्फ रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के लिए है; CAPF के लिए अलग अनुग्रह नीति है।
  • पति भूतपूर्व सैनिक था और सामान्य मृत्यु हुई हो — ऐसे में 60+ भूतपूर्व सैनिक सहायता (गाइड 7743) देखें, यह योजना नहीं।
  • पति द्वितीय विश्व युद्ध का सैनिक हो — उनके लिए अलग सहायता है (₹10,000 महीना, नवंबर 2017); यह योजना घोषित युद्ध के शहीदों की विधवाओं के लिए है।
  • हरियाणा की स्थायी निवासी न हों — दूसरे राज्य की निवासी हरियाणा के सैनिक बोर्ड से यह सहायता नहीं ले सकतीं; अपने राज्य के सैनिक बोर्ड से संपर्क करें।
  • विधवा न हों — यह सहायता सिर्फ युद्ध विधवा को मिलती है; शहीद के माता-पिता या बच्चों के लिए अनुग्रह राशि व अन्य योजनाएँ अलग हैं।

“घोषित युद्ध” का मतलब क्या है?

मेमो में ठीक यही शब्द हैं — पति “declared war” (घोषित युद्ध) में कार्रवाई के दौरान शहीद हुआ हो। भारत के घोषित युद्ध हैं — 1947-48, 1962, 1965 और 1971। लेकिन एक सवाल मेमो से साफ नहीं होता — कारगिल 1999 का क्या? कारगिल में औपचारिक रूप से युद्ध घोषित नहीं हुआ था, पर उसे युद्ध ही माना जाता है और उसके शहीदों को युद्ध शहीद का दर्जा मिला। इसी तरह आतंकवाद-विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की स्थिति भी मेमो से साफ नहीं है। अनुग्रह राशि की अलग नीति में “ऑपरेशनल क्षेत्र में मृत्यु” शामिल है — पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने जगरोशिनी देवी के मामले में यही माना था। इसलिए अगर पति कारगिल या किसी अभियान में शहीद हुआ है, तो आवेदन से पहले अपने जिला सैनिक बोर्ड से लिखित में पूछ लें कि वह मामला इस योजना में आता है या नहीं।

ज़रूरी दस्तावेज़

2016 के मेमो में दस्तावेज़ों की सूची नहीं है — नीचे दी गई सूची विभाग की अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं की सत्यापित सूची के आधार पर है। आवेदन से पहले सटीक सूची अपने जिला सैनिक बोर्ड से पुष्ट कर लें, क्योंकि कोई एक कागज़ छूटा तो मामला अटक जाएगा।

क्रम दस्तावेज़ टिप्पणी
1 आवेदन पत्र सरल पोर्टल से या ZSB कार्यालय से; जमा ZSB में होगा
2 पति का मृत्यु प्रमाण पत्र / शहादत प्रमाण युद्ध में शहीद होने का प्रमाण — सबसे अहम कागज़
3 फैमिली पेंशन PPO / पेंशन प्रमाण भारत सरकार से फैमिली पेंशन मिल रही हो — इसका प्रमाण
4 पति का डिस्चार्ज बुक / सेवा रिकॉर्ड रक्षा बलों में सेवा का प्रमाण — ZSB से पुष्ट करें
5 हरियाणा निवास प्रमाण (डोमिसाइल प्रमाण पत्र) स्थायी निवासी होने का प्रमाण
6 आधार कार्ड पहचान का प्रमाण
7 बैंक खाता विवरण (पासबुक / रद्द चेक) सहायता इसी खाते में आएगी
8 शपथ पत्र (Affidavit) विभाग की अन्य FA योजनाओं में माँगा जाता है — इस योजना के लिए ZSB से पुष्ट करें

आवेदन कैसे करें?

इस योजना का आवेदन ऑनलाइन (सरल) और ऑफलाइन (ZSB) दोनों तरह से हो सकता है — सरल पोर्टल पर इस योजना की सेवा का नाम योजना जैसा ही है। नीचे दिए गए चरणों से आवेदन करें।

चरण क्या करें
1 पात्रता जाँचें — युद्ध विधवा हों, फैमिली पेंशन मिल रही हो, हरियाणा की स्थायी निवासी हों
2 दस्तावेज़ जुटाएँ — मृत्यु/शहादत प्रमाण, फैमिली पेंशन PPO, डोमिसाइल, आधार, बैंक विवरण (ऊपर दी गई सूची देखें)
3 आवेदन करें — अंत्योदय सरल पोर्टल पर “Financial Assistance to war widows of Defence Forces” सेवा से ऑनलाइन, या अपने जिले के जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में फॉर्म जमा करें
4 जाँच व मंज़ूरी — जिला सैनिक बोर्ड जाँच करके राज्य सैनिक बोर्ड को भेजेगा; मंज़ूरी के बाद भुगतान शुरू होगा
5 भुगतान — मंज़ूरी के बाद हर महीने सहायता बैंक खाते में आएगी; ताज़ा दर व भुगतान की तारीख ZSB से पूछ लें

आवेदन की स्थिति अपने जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय से पूछी जा सकती है। ध्यान दें — सरल पोर्टल 9 नवंबर 2026 को यहाँ से नहीं खुला (समय समाप्त हुआ) — इसका मतलब यह नहीं कि पोर्टल बंद है; CSC केंद्र से भी आवेदन किया जा सकता है।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

  • शुल्क: इस योजना के लिए कोई सरकारी शुल्क किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई शुल्क होने का दावा नहीं किया जा रहा; ZSB से पूछ लें।
  • समय-सीमा: दावे के निपटान की कोई समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
  • स्टेटस चेक: अपने जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय से पूछें — ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं हुआ है।
  • RTS: इस सेवा के लिए सेवा का अधिकार (RTS) के तहत कोई समय-सीमा किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं मिली है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
  • अंतिम तारीख: कोई नहीं — साल भर आवेदन किया जा सकता है।

पैसा कैसे मिलेगा? — भुगतान का रास्ता

मंज़ूरी के बाद सहायता हर महीने विधवा के बैंक खाते में आती है — बंटवारा इस तरह है:

  • फैमिली पेंशन (केंद्र) — भारत सरकार से, रक्षा मंत्रालय के ज़रिए; यह पहले से मिल रही होती है और चलती रहती है।
  • राज्य सहायता (हरियाणा) — ₹7,000 महीना (नवंबर 2026 से, गणना) — राज्य सैनिक बोर्ड के बजट शीर्ष 2235-SSW-60-OSSWP-200-OP-(76) से।
  • दोनों साथ — यही इस योजना की खासियत है: राज्य सहायता फैमिली पेंशन के ऊपर मिलती है, उसकी जगह नहीं।
  • भुगतान का तरीका — मेमो में भुगतान का तरीका (DBT/बैंक) अलग से नहीं लिखा है — ZSB से पूछ लें।
  • यह पेंशन नहीं, सहायता है — यह राज्य की वित्तीय सहायता है, जो फैमिली पेंशन से अलग मद से आती है।

राशि कब से मिलेगी और कब रुकेगी?

2016 के मेमो में यह नहीं लिखा है कि मंज़ूरी के बाद भुगतान किस महीने से शुरू होगा, या किन स्थितियों में रुकेगा। विभाग की दूसरी FA योजना (60+ भूतपूर्व सैनिक सहायता) में भुगतान मंज़ूरी के अगले महीने की पहली तारीख से शुरू होता है और बकाया नहीं मिलता — पर यह नियम इस योजना के मेमो में नहीं लिखा है, इसलिए इसे इस योजना पर लागू मानकर न चलें। भुगतान की शुरुआत, बकाया और रोकने की शर्तें — तीनों अपने जिला सैनिक बोर्ड से लिखित में पूछ लें। एक बात मेमो से साफ है — यह सहायता फैमिली पेंशन के साथ-साथ चलती है, उसकी जगह नहीं लेती।

योजना का बजट व पैमाना

यह कोई बड़ी योजना नहीं है — यह छोटे, लक्षित समूह की योजना है, और बजट के आँकड़े यही बताते हैं। विभाग के बजट विवरण (18 फरवरी 2025 की स्थिति) के अनुसार, 2024-25 में इस योजना का बजट ₹1.34 करोड़ था और 18 फरवरी 2025 तक ₹95.94 लाख खर्च हो चुके थे। 2024-25 की दर (₹6,200 महीना) के हिसाब से यह खर्च मोटे तौर पर 150–180 विधवाओं के बराबर है — यह आधिकारिक गिनती नहीं है, खर्च से निकाला गया मोटा अनुमान है। तुलना के लिए — 60+ भूतपूर्व सैनिक सहायता का बजट ₹13.5 करोड़ और बिना पेंशन वाली विधवाओं की सहायता का बजट ₹32 करोड़ था। योजना चालू है और पैसा खर्च हो रहा है — यह बंद योजना नहीं है।

योजना (2024-25) बजट (₹ लाख) खर्च 18.02.2025 तक (₹ लाख)
युद्ध विधवा सहायता (यह योजना) 134.00 95.94
भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता 1,350.00 1,026.92

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. इस योजना में कितनी सहायता मिलेगी?

नवंबर 2026 से ₹7,000 महीना — यह आँकड़ा 2016 के मेमो के नियम से निकाली गई गणना है (₹3,000 + हर साल ₹400 बढ़ोतरी)। मेमो में दर ₹3,000 (1.11.2016) लिखी है और बढ़ोतरी का नियम लिखा है — ताज़ा दर ZSB से पुष्ट कर लें।

2. क्या फैमिली पेंशन के साथ यह सहायता भी मिलेगी?

हाँ — यही इस योजना की खासियत है। यह सहायता भारत सरकार से मिलने वाली फैमिली पेंशन के अलावा मिलती है, उसकी जगह नहीं। ₹600 वाली ESM सहायता इससे उल्टी है — वह उन्हीं को मिलती है जिन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही।

3. ₹600 वाली सहायता से क्या अंतर है?

दोनों अलग योजनाएँ हैं। ₹600 महीना भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता (गाइड 7743) है — 60 साल से ऊपर के भूतपूर्व सैनिकों व उनकी विधवाओं को, और सिर्फ तब जब उन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही हो। ₹7,000 महीना युद्ध विधवा सहायता है — घोषित युद्ध में शहीद जवान की विधवा को, फैमिली पेंशन के ऊपर।

4. कौन पात्र है?

रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के उस जवान की विधवा, जो घोषित युद्ध में कार्रवाई के दौरान शहीद हुआ हो और जिसे भारत सरकार से फैमिली पेंशन मिल रही हो। हरियाणा की स्थायी निवासी होना भी ज़रूरी है।

5. क्या कारगिल 1999 के शहीद की विधवा पात्र है?

मेमो से साफ नहीं है — ZSB से लिखित में पूछ लें। मेमो में “घोषित युद्ध” लिखा है और कारगिल में औपचारिक रूप से युद्ध घोषित नहीं हुआ था, पर उसे युद्ध ही माना जाता है। अनुग्रह राशि की अलग नीति में ऑपरेशनल क्षेत्र की मृत्यु शामिल है — इसलिए इस योजना के लिए भी ZSB से पुष्टि ज़रूरी है।

6. आवेदन कहाँ करें?

ऑनलाइन — अंत्योदय सरल पोर्टल पर “Financial Assistance to war widows of Defence Forces” सेवा से; ऑफलाइन — अपने जिले के जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में। सरल पोर्टल 9 नवंबर 2026 को यहाँ से नहीं खुला — CSC केंद्र से भी आवेदन किया जा सकता है।

7. आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

कोई अंतिम तारीख नहीं है — साल भर आवेदन किया जा सकता है।

8. पुनर्विवाह पर क्या होगा?

2016 के मेमो में इस बारे में कुछ नहीं लिखा है। विभाग की दूसरी FA योजना में शपथ पत्र में “पुनर्विवाह नहीं किया” की शर्त होती है, पर वह इस योजना के मेमो में नहीं है — इसलिए ZSB से पूछ लें।

9. द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक की विधवा को कितना मिलता है?

₹10,000 महीना (नवंबर 2017 से) — पर वह अलग योजना है, सिर्फ 31 अगस्त 1945 से पहले भर्ती सैनिकों/विधवाओं के लिए। इस योजना से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

10. क्या विधवा पेंशन ₹3,200 के साथ दोनों मिल सकती हैं?

नहीं। ₹3,200 महीने वाली विधवा पेंशन (गाइड 6019) फैमिली पेंशन पाने वाली महिलाओं को नहीं मिलती — और युद्ध विधवा को भारत सरकार से फैमिली पेंशन मिल रही होती है। इसलिए दोनों एक साथ नहीं मिल सकतीं — युद्ध विधवा को फैमिली पेंशन + ₹7,000 राज्य सहायता मिलती है, जो ₹3,200 से दोगुनी से ज़्यादा है।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। myScheme का विवरण पृष्ठ सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए myScheme को सूची के क्रमांक से बताया गया है, लिंक से नहीं।

  • सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा: sainikwelfareharyana.gov.in — राज्य सैनिक बोर्ड की वेबसाइट; “FA to War widows” नीति PDF यहीं से मिली है
  • नीति मेमो: Memo No. 23/1/2005-3D-III, 29.10.2016 — Chief Secretary, Defence Branch, Panchkula; विभाग की वेबसाइट पर “FA to War widows” PDF के रूप में उपलब्ध
  • सरल पोर्टल: saralharyana.gov.in — सेवा का नाम “Financial Assistance to war widows of Defence Forces” (9 नवंबर 2026 को यहाँ से नहीं खुला)
  • myScheme — हरियाणा योजनाएँ: myScheme हरियाणा सूची, क्रमांक 16 — विवरण पृष्ठ का स्लग सत्यापित नहीं हुआ
  • राज्य सैनिक बोर्ड मुख्यालय: सेक्टर-12, पंचकूला; फोन 0172-5210277; ईमेल [email protected]
  • सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400 — सिर्फ सरल पोर्टल से जुड़े सवालों के लिए
  • संबंधित गाइड — भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता: भूतपूर्व सैनिक 60 वर्ष सहायता | विधवा पेंशन ₹3,200: विधवा पेंशन योजना | KSB होम लोन सब्सिडी: होम लोन ब्याज सब्सिडी | शहीद सम्मान ₹1 करोड़: शहीद सम्मान योजना | दयालु योजना: दयालु योजना

अस्वीकरण

यह गाइड 9 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा की वेबसाइट पर उपलब्ध नीति मेमो (Memo No. 23/1/2005-3D-III, 29.10.2016), विभाग का बजट विवरण (18 फरवरी 2025 की स्थिति), अंत्योदय सरल सेवा सूची (2018) और myScheme हरियाणा सूची (क्रमांक 16) — से तैयार की गई है। सबसे अहम बात: ₹7,000 महीने की दर 2016 के मेमो के बढ़ोतरी नियम (हर साल ₹400) से निकाली गई गणना है; विभाग की वेबसाइट पर इस योजना का कोई नया मेमो नहीं मिला। सहायता की रकम, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले अपने जिला सैनिक बोर्ड से ताज़ा जानकारी लिखित में ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर मौजूदा दर, “घोषित युद्ध” की परिभाषा, पुनर्विवाह का नियम, दस्तावेज़ों की सटीक सूची, शुल्क व RTS समय-सीमा), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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