केंद्र सरकार की स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना (SSSY) देश के स्वतंत्रता सेनानियों और उनके पात्र आश्रितों को मासिक पेंशन देती है। इसे गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) चलाता है और यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है। योजना 15 अगस्त 1972 को शुरू हुई थी और 1980 से इसका नाम स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार इस समय योजना के कुल 12,898 लाभार्थी हैं — 1,553 स्वतंत्रता सेनानी और 11,345 पात्र आश्रित। हरियाणा के 227 लाभार्थी भी इससे जुड़े हैं — 16 स्वतंत्रता सेनानी, 200 पति/पत्नी और 11 बेटियाँ।
कितनी पेंशन मिलती है
मूल पेंशन आखिरी बार 15 अगस्त 2016 से बढ़ाई गई थी, और महँगाई राहत (Dearness Relief) 1 जुलाई 2025 से 56% है। श्रेणी के अनुसार कुल मासिक पेंशन इस प्रकार है — अंडमान के पूर्व राजनीतिक बंदियों/उनके पति-पत्नी को ₹46,800, ब्रिटिश भारत के बाहर संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों/पति-पत्नी को ₹43,680, और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों (INA सहित)/पति-पत्नी को ₹40,560 प्रति माह। आश्रित माता-पिता और पात्र बेटियों (एक समय में अधिकतम 3 बेटियाँ) को स्वतंत्रता सेनानी को मिलने वाली राशि का 50% मिलता है।
कौन पात्र है
पेंशन सिर्फ उन्हीं स्वतंत्रता सेनानियों को मिलती है जो योजना की पात्रता और प्रमाण की शर्तें पूरी करते हैं और संबंधित राज्य सरकार के माध्यम से आवेदन करते हैं। सेनानी के निधन के बाद पेंशन उनके पति/पत्नी और अविवाहित व बेरोज़गार बेटियों को मिल सकती है। एक ज़रूरी बदलाव — गृह मंत्रालय के अक्टूबर 2024 के संशोधन के अनुसार मूल स्वतंत्रता सेनानियों से अब कोई नया आवेदन नहीं लिया जाता; पति/पत्नी और बेटियों के आश्रित पेंशन के दावे पर तभी विचार होता है जब मूल सेनानी की मृत्यु के तीन साल के भीतर आवेदन किया जाए।
पेंशन के साथ मिलने वाली सुविधाएँ
पेंशन के अलावा योजना में ये सुविधाएँ तय हैं — स्वतंत्रता सेनानियों/पति-पत्नी को एक साथी के साथ मुफ्त आजीवन रेलवे पास, केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य सेवा (CGHS) के तहत मुफ्त चिकित्सा सुविधा, और नई दिल्ली के राज्य भवन में एक साथी के साथ मुफ्त ठहरने व भोजन की सुविधा।
आवेदन कैसे होता है
आवेदन संबंधित राज्य सरकार के माध्यम से गृह मंत्रालय तक जाता है — सीधे मंत्रालय में आवेदन नहीं भेजा जाता। हरियाणा के पात्र परिवारों को अपने राज्य के स्वतंत्रता सेनानी विभाग या ज़िला प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। आवेदन के साथ स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी का प्रमाण और पात्रता से जुड़े दस्तावेज़ लगते हैं। पेंशन मंज़ूर होने के बाद भुगतान आदेश (PPO) जारी होता है और पेंशन बैंक खाते में आती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन में कितना पैसा मिलता है?
उत्तर: श्रेणी के अनुसार ₹40,560 से ₹46,800 प्रति माह — अंडमान के पूर्व राजनीतिक बंदियों को ₹46,800 मिलते हैं।
प्रश्न 2: सेनानी के निधन के बाद पेंशन किसे मिलती है?
उत्तर: पति/पत्नी और अविवाहित व बेरोज़गार बेटियों को — सेनानी की राशि का 50%।
प्रश्न 3: क्या मूल स्वतंत्रता सेनानी अब नए आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं — अक्टूबर 2024 के संशोधन के बाद मूल सेनानियों से नए आवेदन नहीं लिए जाते।
प्रश्न 4: हरियाणा में इस योजना के कितने लाभार्थी हैं?
उत्तर: सरकारी आँकड़ों के अनुसार हरियाणा के 227 लाभार्थी हैं — 16 स्वतंत्रता सेनानी, 200 पति/पत्नी और 11 बेटियाँ।
उपयोगी लिंक
- गृह मंत्रालय आधिकारिक वेबसाइट: https://www.mha.gov.in/
- पेंशन राशि व लाभार्थी (PIB): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2291044®=48&lang=2
- MyScheme पर स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन: https://www.myscheme.gov.in/schemes/sssps
- केंद्र सरकार की सभी 726 योजनाओं की सूची

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