केंद्र सरकार की वयोवृद्ध कलाकारों के लिए वित्तीय सहायता योजना उन वरिष्ठ कलाकारों और विद्वानों के लिए है जिन्होंने कला और साहित्य के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन बुढ़ापे में उनकी आमदनी रुक गई है। इसे संस्कृति मंत्रालय चलाता है। इस योजना में चुने गए कलाकारों को ₹6,000 महीना तक की सहायता जीवनभर मिलती है। एक ज़रूरी बात — मंत्रालय साफ कहता है कि यह सामान्य अर्थों में पेंशन नहीं है, बल्कि कलाकार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता है।
कितनी मदद मिलती है
योजना के तहत सहायता की राशि ₹6,000 महीना तक है। यह राशि जून 2022 से बढ़ाई गई है — इससे पहले यह ₹4,000 महीना थी। कलाकार की मृत्यु के बाद यह सहायता उसके जीवनसाथी (पति/पत्नी) को हस्तांतरित हो जाती है।
कौन पात्र है
पात्रता की पाँच शर्तें हैं। पहली — आवेदक कलाकार ने अपने क्षेत्र में कला, साहित्य आदि में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। दूसरी — आवेदक की उम्र 60 साल या उससे ज़्यादा हो (जीवनसाथी को हस्तांतरण के मामले में उम्र की शर्त लागू नहीं होती)। तीसरी — आवेदक की वार्षिक आय (पति/पत्नी की आय सहित) ₹72,000 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए; यह सीमा पहले ₹48,000 सालाना थी। चौथी — आवेदक को संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश से कम से कम ₹500 महीना की कलाकार पेंशन मिलती हो, या उसके कलात्मक प्रमाणपत्रों की जाँच करके संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) ने सिफारिश की हो। पाँचवीं — आवेदक को मंत्रालय की किसी अन्य योजना से ऐसी ही वित्तीय सहायता नहीं मिल रही हो।
आवेदन कैसे होता है
आवेदन निर्धारित प्रारूप में संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के संस्कृति विभाग या क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) के जरिए भेजा जाता है — बिना राज्य सरकार या ZCC की सिफारिश के आवेदन स्वीकार नहीं होता। आवेदन का प्रारूप और पूरी जानकारी संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट (indiaculture.gov.in) पर मिलती है। अब आय प्रमाणपत्र हर साल नहीं, पाँच साल में एक बार देना होता है। आवेदन के नाम पर किसी को पैसा न दें।
हरियाणा के कलाकारों के लिए क्या मायने रखता है
हरियाणा के लोक कलाकारों, शास्त्रीय संगीतकारों, लेखकों और पारंपरिक शिल्पकारों के लिए यह योजना बुढ़ापे में नियमित सहारा है। शर्त यह है कि कलाकार का योगदान साबित हो — राज्य की कलाकार पेंशन मिलती हो या क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र उसकी प्रतिभा की पुष्टि करे। हरियाणा के कलाकार अपने आवेदन के लिए हरियाणा के संस्कृति विभाग से संपर्क करें और वहाँ से ZCC सिफारिश की प्रक्रिया समझें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: वयोवृद्ध कलाकार सहायता में कितना पैसा मिलता है?
उत्तर: ₹6,000 महीना तक — यह राशि जून 2022 से ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 की गई है।
प्रश्न 2: कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर: 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के वे कलाकार और विद्वान जिन्होंने कला-साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो और जिनकी सालाना आय ₹72,000 से ज़्यादा न हो।
प्रश्न 3: राज्य पेंशन न मिलती हो तो क्या आवेदन हो सकता है?
उत्तर: हाँ — अगर राज्य से कम से कम ₹500 महीना की कलाकार पेंशन नहीं मिलती, तो संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) कलात्मक प्रमाणपत्रों की जाँच करके सिफारिश कर सकता है।
प्रश्न 4: कलाकार की मृत्यु के बाद सहायता का क्या होता है?
उत्तर: सहायता उसके जीवनसाथी (पति/पत्नी) को हस्तांतरित हो जाती है।

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