भारत-न्यूजीलैंड FTA आज से लागू: भारतीय निर्यात को 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस, 2030 तक ₹35,000 करोड़ व्यापार का लक्ष्य
नई दिल्ली। विजयादशमी के शुभ अवसर पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज 20 अक्टूबर से लागू हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के लिए ‘विजय’ बताते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों, किसानों और MSME उद्यमियों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है।
समझौते के तहत पहले ही दिन से भारतीय निर्यात की सभी 8,284 टैरिफ लाइनों पर न्यूजीलैंड में शून्य शुल्क लागू हो गया है। अब तक न्यूजीलैंड प्रमुख भारतीय उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाता था — सेरामिक्स, कारपेट, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट समेत। अब कपड़ा-परिधान, चमड़ा-जूते, हीरा-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, प्रोसेस्ड फूड, फार्मा, रसायन और मेडिकल उपकरण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यातकों को बड़ा प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। व्यापार संवर्धन परिषद (TPCI) के मुताबिक प्रोसेस्ड फूड, मसालों, पेय पदार्थों और बेकरी उत्पादों पर पहले दिन से ही शुल्क शून्य हो गया है।
समझौते के लागू होने से द्विपक्षीय वस्तु-सेवा व्यापार 2030 तक दोगुना होकर लगभग ₹35,000 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश सुलभ कराने की प्रतिबद्धता भी जताई है। कृषि के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच एग्रीकल्चरल प्रोडक्टिविटी पार्टनरशिप भी शुरू की गई है, साथ ही जैविक उत्पादों की पारस्परिक मान्यता का समझौता भी हुआ है।
भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है — सिर्फ री-एक्सपोर्ट और बल्क इन्फैंट फॉर्मूला को ड्यूटी-फ्री रखा गया है। वहीं सेब, कीवीफ्रूट और मनुका हनी के लिए सीमित मात्रा में टैरिफ रेट कोटा तय किया गया है, जिसमें आयात के न्यूनतम मूल्य और सेफगार्ड प्रावधान भी जुड़े हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को इन कोटों के आवंटन की प्रक्रिया भी अधिसूचित कर दी है।
समझौते की घोषणा 21 सितंबर को हुई थी; दोनों देशों की आवश्यक घरेलू प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने 19 अक्टूबर को वर्चुअल बैठक में अमल की तारीख की पुष्टि की थी। समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर हुए थे, और यह जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा — 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा — के बाद द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय है।
केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक यह पिछले पांच वर्षों में अमल में आने वाला भारत का सातवां व्यापार समझौता है। अमल से एक दिन पहले यानी सोमवार को गोयल ने पुणे में बनी एक JCB मशीन का न्यूजीलैंड निर्यात हरी झंडी दिखाकर रवाना किया — समझौते के तहत होने वाले नए व्यापार का पहला प्रतीक।
