हरियाणा के झज्जर जिले में प्रदूषण फैलाने वाले अवैध रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) बहादुरगढ़ के अनुरोध पर जिला नगर योजनाकार (DTP) झज्जर की टीम ने जिले के अलग-अलग गांवों में चल रहे 8 अवैध RMC प्लांट हटवा दिए। यह कार्रवाई बुधवार को याकूबपुर, दादरी तोए, नौरंगपुर, उकलाना और निमाना गांवों में की गई। जांच में सामने आया कि ये प्लांट जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और स्थापित करने व चलाने की सहमति (CTE/CTO) के बिना संचालित हो रहे थे।
कार्रवाई की जद में आए प्लांटों में याकूबपुर का श्री विनायक प्रोमिक्स, दादरी तोए के पी एंड एस इंफ्रा (प्लांट-II) और बालाजी ट्रेडर्स, नौरंगपुर का बालाजी कंस्ट्रक्शन, उकलाना का अल्ट्राटेक RMC, हिंदुस्तान RMC, निमाना का बीकेजे बिल्डटेक और चाहर RMC शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन इकाइयों को पहले ही सील कर दिया था, जिसके बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से इन्हें हटवाने का अनुरोध किया गया था। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील श्योराण ने कहा कि RMC प्लांट चलाने के लिए स्थापित करने की सहमति और चलाने की सहमति लेना अनिवार्य है, और इन आठों इकाइयों के पास दोनों में से कोई अनुमति नहीं थी।
प्रशासनिक सख्ती का असर बादली गांव में भी दिखा, जहां मैसर्स कॉम RMC के संचालक ने कार्रवाई की आशंका के बीच अपना ढांचा खुद ही हटा लिया। क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में चल रही कोई भी अवैध इकाई बख्शी नहीं जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसी इकाइयों की पहचान और उन्हें हटाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बिगड़ने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 से 20 नवंबर तक एहतियाती उपाय लागू किए हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 3 नवंबर को एनसीआर के उपायुक्तों, नगर आयुक्तों और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। झज्जर में हुई यह कार्रवाई प्रदूषण पर नियंत्रण और नियमों का पालन कराने की दिशा में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है।

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