गुरुग्राम और नूंह में बिजली का दूसरा विकल्प — हरियाणा के इतिहास का पहला पैरेलल बिजली लाइसेंस, 8.3 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी पसंद की आजादी
हरियाणा के बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसला हुआ है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस दे दिया है। यह हरियाणा के इतिहास में पहला मौका है जब किसी क्षेत्र में बिजली वितरण के लिए दो लाइसेंसधारी एक साथ काम करेंगे — विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 14 के तहत यह व्यवस्था अब तक देश में सिर्फ कुछ जगहों, जैसे मुंबई में लागू थी।
इस आदेश के बाद गुरुग्राम और नूंह के 8.3 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं — घर, खेत, दुकान, दफ्तर और फैक्ट्रियां — को अपने बिजली आपूर्तिकर्ता का चयन करने की आजादी मिलेगी। कंपनी को सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिना भेदभाव बिजली देने और तय समयसीमा में नए कनेक्शन जारी करने की शर्त पर लाइसेंस मिला है।
नेटवर्क पांच साल में चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा। इसमें गुरुग्राम सब-अर्बन, गुरुग्राम सिटी, मानेसर, सोहना और नूंह के पांच डिवीजन शामिल हैं — और पहले चरण में नूंह को भी जगह दी गई है। उपभोक्ताओं को आपूर्ति वित्तीय वर्ष 2027-28 से शुरू होगी। परियोजना में वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच 4,717 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
कंपनी की योजना में स्मार्ट मीटर, डिजिटल बिलिंग, वितरण प्रबंधन प्रणाली और बेहतर शिकायत निवारण तंत्र शामिल है। बिजली खरीद के मिश्रण में 80 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से आएगी — यानी उपभोक्ताओं को हरित बिजली का विकल्प मिलेगा।
मौजूदा उपभोक्ताओं को अभी कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है — वर्तमान वितरक की आपूर्ति जारी रहेगी, और नया नेटवर्क जिन इलाकों में पहुंचेगा, वहां उपभोक्ता चाहें तो नए वितरक को चुन सकेंगे। लाइसेंसधारी को 60 दिनों के भीतर पहले चरण की विस्तृत कार्ययोजना और उपभोक्ता स्विचिंग का प्रोटोकॉल आयोग को सौंपना होगा।
