रवि कार्तिक बुडिगिना ने तैराकी में दिलाया भारत का पहला पदक — एशियन पैरा गेम्स में 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 में जीता सिल्वर
नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को तैराकी में पहला पदक मिल गया है। 18 वर्षीय रवि कार्तिक बुडिगिना ने सोमवार को पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में 56.68 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। नागोया सिटी जनरल जिमनेजियम के पूल में बुडिगिना का यह प्रदर्शन इन खेलों में भारत के लिए तैराकी का पहला पदक है।
S13 वर्ग दृष्टिबाधित तैराकों का है — पैरालंपिक तैराकी में यह वह श्रेणी है जिसमें खिलाड़ियों की दृष्टि हानि सबसे कम होती है, लेकिन मुकाबला उतना ही कड़ा होता है। फाइनल में उज्बेकिस्तान के एगोर बोलोटोव ने 52.90 सेकंड के साथ गोल्ड जीता, जबकि कजाकिस्तान के विक्टर वोल्कोव 57.23 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बुडिगिना के लिए यह पदक खास है, क्योंकि 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में वह इसी वर्ग में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गए थे। लेकिन युवा तैराक ने हार नहीं मानी — पिछले साल 2025 के एशियन यूथ पैरा गेम्स में उन्होंने छह पदक जीते थे, जिनमें तीन गोल्ड (200 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 100 मीटर बटरफ्लाई, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक) और तीन सिल्वर शामिल थे।
भारत के लिए यह सिल्वर इन खेलों का तीसरा सिल्वर पदक है। इससे पहले सोमवार को ही जूडोका कोकिला ने महिलाओं के J2 -52 किग्रा वर्ग में और अवनि लेखरा ने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में सिल्वर जीता था, जबकि मोना अग्रवाल ने शूटिंग में गोल्ड दिलाया था।
तैराकी में पहला पदक मिलना भारत के पैरा खेलों के लिए एक नया द्वार खोलता है — वह खेल जिसमें अब तक भारत का प्रतिनिधित्व सीमित रहा है। 18 वर्षीय बुडिगिना की इस सफलता से देश के युवा तैराकों को भी प्रेरणा मिलेगी।
