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अंबाला में अमित शाह ने किया 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन: 700 से ज्यादा शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: अंबाला में अमित शाह ने किया 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन: 700 से ज्यादा शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 5:19 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: विकास
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज 5 नवंबर 2026 को अंबाला छावनी में 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के शहीदों को समर्पित शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। ईटीवी भारत की लाइव रिपोर्ट के अनुसार शाम करीब 4:19 बजे उन्होंने स्मारक परिसर में बने म्यूजियम का लोकार्पण किया। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे, और गांधी मैदान में आयोजित विशाल रैली में जनसैलाब उमड़ा। रैली को संबोधित करते हुए अनिल विज ने कहा, “स्मारक में 63 मीटर ऊंचा कमल का फूल लगाया है।”

अंबाला छावनी के नानेहरा में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के पास करीब 22 एकड़ क्षेत्र में बना यह स्मारक 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के शहीदों को समर्पित है। इसके निर्माण पर लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत आई है। स्मारक में 1857 की क्रांति से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, वीरों के बलिदान और संघर्ष की गाथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्मारक में लगभग 700 शहीदों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों के योगदान से परिचित हो सकें। स्मारक 6 नवंबर से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

अंबाला छावनी को 1857 की क्रांति के शुरुआती केंद्रों में गिना जाता है — उस समय यह ब्रिटिश भारत की सबसे बड़ी सैन्य छावनियों में से एक थी। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इस स्मारक को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित देश के सबसे बड़े शहीद स्मारकों में से एक के रूप में विकसित किया है। उद्घाटन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंबाला छावनी के गांधी मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। अनिल विज लंबे समय से इस स्मारक के निर्माण के लिए प्रयासरत रहे हैं और उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों की स्वयं समीक्षा की थी।

स्मारक परिसर में 1857 की क्रांति की अलग-अलग घटनाओं और क्रांतिकारियों के संघर्ष को दर्शाने वाली गैलरियां बनाई गई हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक, दृश्य प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के जरिए इतिहास को जीवंत किया गया है। स्मारक में लाइट, लेजर और साउंड शो की भी व्यवस्था की गई है। हरियाणा सरकार का मानना है कि यह स्मारक न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि है, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और इतिहास के प्रति रुचि जगाने का एक स्थायी केंद्र भी बनेगा। अंबाला आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण स्थल होगा — मंत्री अनिल विज ने स्मारक तक पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की योजना भी बताई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
1. अंबाला शहीद स्मारक कहाँ बना है? — अंबाला छावनी के नानेहरा में, राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के पास, करीब 22 एकड़ क्षेत्र में।
2. अंबाला शहीद स्मारक किसे समर्पित है? — 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के शहीदों और गुमनाम क्रांतिकारियों को।
3. अंबाला शहीद स्मारक जनता के लिए कब खुलेगा? — 6 नवंबर 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
4. अंबाला शहीद स्मारक के निर्माण पर कितनी लागत आई? — लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण हुआ है।

अगला कदम: करनाल रैली में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला और SIR पर संसद में बहस की चुनौती यहाँ पढ़ें — https://www.viksitharyana.com/amit-shah-karnal-rally-rahul-gandhi-anarchist-remark/


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