हरियाणा की बेटियों ने जीता पिट्टू का 5वां नेशनल खिताब; खेल मंत्री गौरव गौतम बोले — परंपरागत खेलों को मिलेगा विशेष पैकेज
हरियाणा की खेल-बेटियों ने एक बार फिर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य की महिला टीम ने 5वीं सीनियर नेशनल पिट्टू चैंपियनशिप में खिताब जीत लिया है, जबकि पुरुष वर्ग में मध्य प्रदेश की टीम विजेता रही। पिट्टू फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार इस जीत के साथ हरियाणा की बेटियों ने परंपरागत खेलों में भी अपनी धाक जमा दी है।
सबसे बड़ी खुशखबरी नूंह जिले के बीवान गांव से आई है। यहां किसान परिवार की बेटी और स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा मुस्कान का चयन 2 से 6 दिसंबर तक थाईलैंड के पटाया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय पिट्टू चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम (सीनियर मिक्स्ड कैटेगरी) में हुआ है। इंदौर के सेंट नॉर्बर्ट स्कूल में हुए चयन ट्रायल में मुस्कान ने चयनकर्ताओं को अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया। गली-मोहल्लों में खेला जाने वाला यह खेल अब उनके लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का द्वार बन गया है।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार परंपरागत खेलों को बढ़ावा देना चाहती है। ट्रिब्यून से बातचीत में मंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षकों को पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है और नूंह जैसे इलाकों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें तराशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेलों के लिए विशेष सहयोग और प्रोत्साहन पैकेज जल्द ही घोषित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पिट्टू, जिसे लघोरी या सात पत्थर के खेल के नाम से भी जाना जाता है, को अंतरराष्ट्रीय पहचान तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में मन की बात में इसका जिक्र किया। इसके बाद पिट्टू फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन हुआ, जो विश्व, एशियाई और दक्षिण एशियाई संघों से संबद्ध है। आज यह खेल 30 से ज्यादा देशों में खेला जा रहा है।
