संत नामदेव प्रकाशोत्सव: CM सैनी ने नामदेव भवन को दिए 21 लाख, OBC समाज को शिक्षा-आरक्षण-रोजगार की गारंटी
संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज के 756वें प्रकाशोत्सव पर रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत नामदेव जी की शिक्षाएं आज भी समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम, समानता, मानवता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं। संत-महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते — वे पूरे समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उनकी वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना से सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। दो साल के कार्यकाल में सरकार के 70 वादे पूरे हो चुके हैं, जबकि 143 पर काम जारी है।
हरियाणा नामदेव सभा के प्रदेशाध्यक्ष एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष सतबीर वर्मा ने समाज की मांगों का मांग-पत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। सैनी ने कहा कि ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के अवसर देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने ओबीसी हित में उठाए गए कदम भी गिनाए — हरियाणा में पिछड़ा वर्ग की क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई है, बीसी-ए वर्ग को स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व के साथ सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। केंद्र स्तर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा और केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों व चिकित्सा शिक्षा में ओबीसी आरक्षण जैसे फैसले समाज को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने गुरु रविदास, भगवान वाल्मीकि, भगवान विश्वकर्मा, भगवान परशुराम और भक्त धन्ना जाट सहित अनेक संत-महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की पहल की है। युवाओं से उन्होंने शिक्षा, कौशल और उद्यमिता में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पंजाब में नशे की समस्या पर मुख्यमंत्री ने वहां की राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय इसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। युवाओं को नशे से बचाना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
