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सरकारी योजनाएँ

PM Surya Ghar योजना: हर 6 दिन में 1 लाख रूफटॉप सोलर, हरियाणा समेत देशभर में सौर क्रांति की रफ्तार

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: PM Surya Ghar योजना: हर 6 दिन में 1 लाख रूफटॉप सोलर, हरियाणा समेत देशभर में सौर क्रांति की रफ्तार
  • तारीख़: 4 नवम्बर 2026, 7:12 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने देश में सौर ऊर्जा की रफ्तार को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 के दौरान बताया कि इस योजना के तहत अब हर 6 दिन में लगभग 1 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और आने वाले दो से तीन सप्ताह में यह रफ्तार और बढ़कर हर 4 से 5 दिन में 1 लाख स्थापनाओं तक पहुंच जाएगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों तक इस योजना को पहुंचाना है।

इस रफ्तार की असली कहानी शुरुआत की कठिनाइयों से तुलना करने पर समझ आती है। मंत्री ने बताया कि शुरुआती दौर में 1 लाख स्थापनाओं में 44 दिन तक लग जाते थे, लेकिन प्रक्रिया को सरल करने और समयसीमा घटाने के बाद अब वही काम केवल 6 दिन में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी 2024 को शुरू की गई इस योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसका उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर परिवारों को मुफ्त बिजली की ओर ले जाना है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार यह दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू रूफटॉप सोलर पहल बन चुकी है।

योजना का लाभ अब करोड़ों परिवारों तक पहुंचने लगा है। अब तक 64 लाख से अधिक घर इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। लगभग 21 लाख परिवारों को कम से कम एक बिलिंग चक्र में शून्य बिजली बिल मिला है, यानी उनकी छत पर लगे सोलर पैनल ने उनकी बिजली जरूरत को पूरा कर दिया। अपार्टमेंट और समूह आवासीय सोसाइटियों में भी यह योजना तेजी से फैल रही है — करीब 18,000 आवासीय कल्याण संघों ने साझा छतों और सामान्य क्षेत्रों पर रूफटॉप सोलर अपनाया है, जिससे 8.58 लाख से अधिक परिवारों को फायदा पहुंचा है। यह आंकड़ा बताता है कि यह योजना अब केवल अलग-अलग मकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरी आवासीय परिसरों में भी अपनी जगह बना रही है।

आर्थिक मदद की दृष्टि से भी यह योजना आम परिवारों के लिए आकर्षक है। 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर पात्र परिवारों को 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। छत पर सोलर लगने के बाद परिवार अपनी बिजली खुद पैदा करता है, जिससे मासिक बिल में सीधी बचत होती है और लंबे समय में यह निवेश परिवार के लिए फायदेमंद साबित होता है। मंत्री ने भरोसा जताया है कि इस रफ्तार से वर्ष के अंत तक लगभग 75 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य भी हासिल हो जाएगा और मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों का बड़ा लक्ष्य पूरा होगा।

हरियाणा समेत देशभर के परिवारों के लिए यह खबर इसलिए अहम है, क्योंकि यह योजना किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है — देश के किसी भी पात्र घर के लिए इसका दरवाजा खुला है। इच्छुक परिवारों को सलाह दी जाती है कि वे योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी पात्रता, अपने घर के लिए उपयुक्त क्षमता और सब्सिडी की श्रेणी की जानकारी जरूर जांच लें और अधिकृत माध्यम से ही आवेदन करें। छत पर सोलर पैनल लगवाना अब केवल बिजली बचाने का उपाय नहीं रहा, बल्कि यह परिवार की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम बन गया है — और मौजूदा रफ्तार बताती है कि आने वाले महीनों में लाखों और घर इस बदलाव से जुड़ने वाले हैं।


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