हरियाणा में त्योहारी सीजन से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष जांच अभियान के तहत अब तक करीब 50 हजार किलोग्राम मिलावटी मिठाइयां और नकली पनीर नष्ट कराया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने साफ कहा है कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दीपावली को देखते हुए 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में यह गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जो त्योहार तक लगातार जारी रहेगा। इसका मकसद यही है कि त्योहार पर लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचें।
अभियान के आंकड़े बताते हैं कि जांच कितने बड़े पैमाने पर हुई है। अब तक मिठाई, मावा, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 1288 सैंपल एकत्र किए गए हैं। इनमें से 861 सैंपलों की प्रयोगशाला जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जांच में 170 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें 140 सैंपल सब-स्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 30 सैंपल मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किए गए हैं। विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान पकड़े गए मिलावटी सामान को मौके पर ही नष्ट कराया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जांच में फेल पाए गए खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों और विक्रेताओं के नाम और पते एफडीए हरियाणा के आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से अपलोड किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता सतर्क रह सके और ऐसे प्रतिष्ठानों से सामान खरीदने से पहले सावधानी बरत सके। जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए करनाल और चंडीगढ़ स्थित फूड एनालिसिस लैबोरेटरीज को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर सैंपल रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आम लोगों के लिए शिकायत का रास्ता भी खुला रखा गया है। यदि किसी उपभोक्ता को खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वह केंद्र सरकार के FoSCoS पोर्टल www.foscos.gov.in पर या सीधे ई-मेल [email protected] के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान की जांच कराई जाएगी। त्योहारी सीजन में मिठाई और दूध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें और पैकेट पर लेबल व निर्माण की जानकारी जरूर देखें।
यह अभियान इसलिए भी अहम है क्योंकि त्योहारों के समय मिलावटखोरी के मामले बढ़ जाते हैं। सिंथेटिक मावा, नकली पनीर और अखाद्य रंगों से बनी मिठाइयों से लोगों के स्वास्थ्य को सीधा खतरा होता है। प्रदेश सरकार का यह अभियान उसी खतरे को रोकने की कोशिश है। विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, डेयरियों और खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर लगातार जांच कर रही हैं और यह सिलसिला दीपावली तक जारी रहेगा। सरकार का संदेश साफ है कि त्योहार की खुशियों में मिलावट की कोई जगह नहीं है।
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