केंद्र सरकार ने हरियाणा के नूंह जिले में स्थित सोहना चौक पर 2.75 किलोमीटर लंबे छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 340.78 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-919 और राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए के चौराहे पर बनेगा, जो गुरुग्राम, सोहना और नूंह के बीच आवागमन का एक अत्यंत व्यस्त जंक्शन है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 31 अक्टूबर को इस स्वीकृति की जानकारी साझा की थी, जिसके बाद इस परियोजना पर निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
सोहना चौक पर लंबे समय से यातायात जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है, क्योंकि यहां लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय वाहनों का ट्रैफिक एक ही सड़क पर मिल जाता है। नए एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से गुरुग्राम-नूंह मार्ग से गुजरने वाले लंबी दूरी के वाहनों को स्थानीय और क्रॉस ट्रैफिक से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। इससे सोहना से गुजरने वाला यातायात सिग्नल-फ्री और बिना किसी बाधा के चल सकेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के समय की बड़ी बचत होगी।
इस परियोजना का लाभ केवल सोहना तक सीमित नहीं रहेगा। यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे जैसे देश के दो बड़े सड़क नेटवर्क से कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-919 पलवल को सोहना और धारूहेड़ा के रास्ते रेवाड़ी से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए गुरुग्राम से सोहना और नूंह होते हुए राजस्थान सीमा तक जाता है। इसलिए दिल्ली और गुरुग्राम से नूंह, अलवर, तावड़ू, पटौदी, पलवल और मथुरा की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर आसान होगा।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह परियोजना पहले से मौजूद सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर से बिल्कुल अलग है। पुराना छह लेन का राजमार्ग गुरुग्राम के राजीव चौक को सोहना से जोड़ता है और जुलाई 2022 में यातायात के लिए खोला गया था। नया कॉरिडोर विशेष रूप से सोहना चौक पर बनने वाले गंभीर ट्रैफिक बॉटलनेक को समाप्त करने के लिए तैयार किया गया है। परियोजना का डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है, इसलिए स्वीकृति के बाद निर्माण संबंधी आगे की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
सोहना-तावड़ू के विधायक तेजपाल तंवर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तावड़ू रैली के दौरान भी इस परियोजना की मांग उठाई थी, और स्थानीय लोगों ने स्वीकृति मिलने पर राहत की सांस ली है। हरियाणा में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है, जो गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की गुरुग्राम फ्लाईओवर और अंडरपास परियोजनाओं के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा। परियोजना से जुड़ी अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की घोषणाओं को ही अंतिम माना जाना चाहिए।

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