हरियाणा के बासमती किसानों की चांदी: प्रीमियम धान का भाव ₹5500 प्रति क्विंटल तक, टूटा पुराना रिकॉर्ड
हरियाणा के बासमती किसानों के लिए इस सीजन में बड़ी खुशखबरी आई है। प्रदेश की मंडियों में प्रीमियम बासमती धान का भाव 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। खाड़ी देशों में बासमती चावल की भारी निर्यात मांग के कारण प्रीमियम किस्मों के दाम में जोरदार तेजी आई है और किसानों को पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर भाव मिल रहा है। पानीपत जिले की मतलौडा मंडी में पूसा 1121 किस्म का अधिकतम भाव 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है, जबकि एक रिपोर्ट में वहां का भाव 5551 रुपये तक भी बताया गया है। हिसार जिले की बरवाला मंडी में पूसा 1121 का भाव 5471 रुपये प्रति क्विंटल रहा। पानीपत के बापौली में यही किस्म 5391 रुपये, फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में 5201 रुपये और पलवल की हसनपुर मंडी में 5050 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी। झज्जर की बेरी मंडी में पूसा 1509 किस्म का उच्चतम भाव 4511 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ। पिछले साल इसी समय बासमती धान का भाव करीब 3500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच था। इस साल किसानों को 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक भाव मिल रहा है। बासमती की पैदावार औसतन 18 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ मानी जाती है, ऐसे में बढ़े हुए भाव से किसानों को प्रति एकड़ 20000 से 30000 रुपये तक अतिरिक्त मुनाफा होने का अनुमान है। 4500 से 5300 रुपये के भाव पर प्रति एकड़ कुल कमाई 81000 रुपये से लेकर 1.6 लाख रुपये तक पहुंचने का आकलन किया गया है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया है कि खाड़ी देशों की मजबूत मांग के चलते बासमती का भाव 5000 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा है। हरियाणा और पंजाब की मंडियों में प्रीमियम किस्मों के भाव 5000 रुपये के पार बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए इस साल बासमती के दाम ऊंचे रहने का अनुमान पहले से था और अब मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को उसी के अनुरूप भाव मिल रहा है। हरियाणा देश के बासमती निर्यात में अहम भूमिका निभाता है और यहां की मंडियों में इस तेजी का सीधा फायदा किसानों तक पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में हाथ से कटी अच्छी गुणवत्ता वाली बासमती की आवक बढ़ने पर भाव और मजबूत बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों के लिए यह सीजन इसलिए भी खास है क्योंकि सामान्य धान के मुकाबले बासमती से मिलने वाली अतिरिक्त कमाई उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा कर रही है।
