टैक्स डिवोल्यूशन: केंद्र ने राज्यों को जारी की ₹109019 करोड़ की अतिरिक्त किस्त, यूपी को सबसे ज्यादा ₹19208 करोड़
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकारों को बड़ी वित्तीय सौगात दी है। वित्त मंत्रालय ने 31 अक्टूबर को राज्यों को कर हिस्सेदारी के रूप में 109019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की। यह राशि नियमित मासिक कर हिस्सेदारी से अलग है और चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जारी की गई दूसरी अतिरिक्त किस्त है। मंत्रालय का कहना है कि इस राशि से राज्य अपने पूंजीगत खर्च में तेजी ला सकेंगे और विकास तथा कल्याण से जुड़े खर्चों को पूरा कर सकेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में यह दूसरी अतिरिक्त किस्त मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर कर संग्रह का परिणाम है। वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए जाने वाले करों का 41 प्रतिशत हिस्सा एक वित्त वर्ष के दौरान 14 किस्तों में राज्यों के बीच बांटा जाता है। अतिरिक्त किस्त का मकसद यह है कि राज्यों को विकास कार्यों के लिए पैसों का इंतजार न करना पड़े।
राज्यों को मिली राशि में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को गया है, जिसे 19208 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके बाद बिहार को 10845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8010 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 7866 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 7022 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6460 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ओडिशा को 4819 करोड़, आंध्र प्रदेश को 4597 करोड़, कर्नाटक को 4504 करोड़, तमिलनाडु को 4466 करोड़ और गुजरात को 4094 करोड़ रुपये मिले हैं।
यह दूसरी बार है जब चालू वित्त वर्ष में इतनी बड़ी अतिरिक्त किस्त जारी की गई है — इससे पहले 1 अगस्त 2026 को भी इतनी ही राशि की अतिरिक्त किस्त राज्यों को दी गई थी। केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्यों को कर हस्तांतरण के लिए कुल 15.26 लाख करोड़ रुपये का अनुमान रखा गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान 13.93 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
त्योहारों के मौसम से पहले जारी यह अतिरिक्त राशि राज्यों के विकास कार्यों को रफ्तार देगी। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण योजनाओं पर खर्च के लिए राज्यों के पास अब अतिरिक्त संसाधन होंगे, जिससे आम लोगों तक विकास का लाभ तेजी से पहुंचेगा।
