देशभर में आयुष्मान वय वंदना योजना के 2 साल पूरे: 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के 23.46 लाख इलाज, ₹5668 करोड़ की मदद
29 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान वय वंदना योजना ने दो साल पूरे कर लिए हैं। इस योजना के तहत देश के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाता है, चाहे उनकी आय या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। 20 अक्टूबर 2026 तक इस योजना में 23.46 लाख अस्पताल भर्तियाँ अधिकृत की जा चुकी हैं, जिनकी कुल कीमत 5668.80 करोड़ रुपये रही है।
यह योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है, जिसमें माध्यमिक और तृतीयक स्तर की अस्पताल चिकित्सा शामिल है। जो परिवार पहले से आयुष्मान योजना के दायरे में हैं, उनके 70 वर्ष से ऊपर के सदस्यों को अलग से 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर भी मिलता है, ताकि बुजुर्गों का इलाज परिवार के बाकी सदस्यों के कवर से अलग सुरक्षित रहे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार इस योजना का लाभ देशभर में करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों और लगभग 4.5 करोड़ परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य है। अब तक 1.38 करोड़ से अधिक वय वंदना कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं, जो इस योजना के बढ़ते दायरे को दिखाता है।
इलाज के आंकड़े बताते हैं कि बुजुर्गों को सबसे ज्यादा जरूरत आंखों के इलाज की पड़ी है। मोतियाबिंद का ऑपरेशन सबसे अधिक कराया गया उपचार रहा, जिसके 4.71 लाख मामले दर्ज हुए हैं — यह कुल इलाज का लगभग 20.1 प्रतिशत है। इसके बाद क्रोनिक हीमोडायलिसिस के लगभग 2.90 लाख उपचार हुए, जिससे किडनी रोग से जूझ रहे बुजुर्गों को नियमित अस्पताल देखभाल मिली।
रकम के लिहाज से सबसे बड़ा हिस्सा हृदय रोग के इलाज का रहा। कोरोनरी एंजियोप्लास्टी यानी पीटीसीए पर लगभग 649 करोड़ रुपये की मदद अधिकृत हुई, जो दिखाता है कि यह योजना महंगे विशेषज्ञ इलाज के बोझ से भी बुजुर्ग परिवारों को बचा रही है। दो साल में यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है और पात्र बुजुर्ग आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से अपना कार्ड बनवाकर इसका लाभ ले सकते हैं।
