बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने महासचिवों की बैठक में बनाया एक्शन प्लान: 5 राज्यों के चुनाव और 1 नवंबर की तैयारी पर मंथन
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पार्टी की आगामी कार्ययोजना, संगठनात्मक विषयों और भविष्य के कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। भाजपा की ओर से एक्स पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए बताया गया कि अध्यक्ष ने महासचिवों के साथ आगामी एक्शन प्लान और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से मंथन किया।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, संजय भाटिया, गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का केंद्र आने वाले महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी रहा। रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा — इन पांच राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखकर संगठन की रणनीति पर विचार किया गया, जिसमें बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाने और राज्यवार जनसंपर्क कार्यक्रमों को तेज करने की बात भी शामिल रही।
इसी दिन नबीन ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ एक और बैठक की, जिसमें पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की समीक्षा की गई। इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, मनसुख मांडविया और धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। अभियान की प्रगति और जनता तक पार्टी का पक्ष पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। इससे एक दिन पहले, 28 अक्टूबर को नबीन ने दिल्ली के चांदनी चौक में इसी अभियान के तहत मार्च का नेतृत्व किया था।
बैठक की पृष्ठभूमि में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली है। विपक्षी गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध जता रहा है, जबकि भाजपा इस अभियान को लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के अपने पक्ष के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित संवैधानिक प्रक्रिया है और इस पर फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब जनता के बीच तथ्यों के साथ दिया जाएगा।
भाजपा के लिए यह बैठक संगठनात्मक लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। हाल के परिषद चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद अब ध्यान पूरी तरह आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी पर है। महासचिवों की बैठक में तय हुआ कि राज्यवार कार्यक्रमों, बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क को और मजबूत किया जाएगा, ताकि संगठन हर राज्य में चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतर सके। पार्टी सूत्रों के अनुसार आने वाले हफ्तों में राज्यवार जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा भी सामने आएगी।
