CM सैनी का कांग्रेस पर हमला: 1 नवंबर की SIR रैली पर उठाए गंभीर सवाल, 1984 की याद दिलाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर तीखा हमला बोला है। सैनी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में रैली के लिए कांग्रेस के पास साल के 365 दिन थे, फिर भी उसने 1 नवंबर का दिन ही क्यों चुना, इस पर गंभीर सवाल उठते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार उस अधिकार का सम्मान करती है। लेकिन 1 नवंबर 1984 वह दिन था जब दिल्ली में सिख विरोधी हिंसा का भयानक दौर शुरू हुआ था। हजारों सिख परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया था और उस दर्द की पीड़ा आज भी उनके दिलों में जिंदा है। तारीखें सिर्फ कैलेंडर में दर्ज नहीं होतीं, वे राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में भी दर्ज होती हैं।
सैनी ने सवाल किया कि जिस दिन सिख समुदाय अपने शहीदों की याद में सिर झुकाता है, क्या उसी दिन कांग्रेस मंच सजाकर राजनीतिक नारे लगाएगी? उन्होंने कहा कि अगर यह संयोग है तो कांग्रेस को खुलकर यह बात कहनी चाहिए और सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। और अगर यह संयोग नहीं है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है। किसी भी सूरत में कांग्रेस को जवाब देना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 1984 के पीड़ितों को न्याय दिलाना राजनीति नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है। पीड़ितों के साथ खड़ा होना कोई एहसान नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे, वे आज ‘वोट चोरी’ के आरोप लगा रहे हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर के खिलाफ बड़ी रैली करने जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान के लिए रैली की अनुमति दे दी है। कांग्रेस का दावा है कि इस रैली में कम से कम 10 लाख लोग शामिल होंगे। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इसी सप्ताह इस तारीख को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए थे, और पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शनिवार को इसे सिख समुदाय की भावनाओं के लिए बेहद असंवेदनशील बताया था।
