ITBP का 65वां स्थापना दिवस: पीएम मोदी और अमित शाह ने ‘हिमवीरों’ के शौर्य को किया सलाम
नई दिल्ली: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) का 65वां स्थापना दिवस 24 अक्टूबर को मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बल के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आईटीबीपी के ‘हिमवीर’ अपनी असाधारण वीरता से खुद को साबित कर चुके हैं और हर चुनौती का सामना अदम्य दृढ़ संकल्प के साथ करते हैं। उन्होंने लिखा कि जवानों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए प्रेरणा के बहुत बड़े स्रोत हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा में बल के शौर्य और समर्पण की सराहना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बल को बधाई दी। भारतीय सेना ने भी आईटीबीपी के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
24 अक्टूबर 1962 को स्थापित आईटीबीपी भारत-चीन सीमा के 3,488 किलोमीटर हिस्से की रखवाली करती है — लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक। बल का आदर्श वाक्य ‘शौर्य, दृढ़ता, कर्मनिष्ठा’ है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक बल की अधिकतर सीमा चौकियां 9,000 से 18,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां सर्दियों में तापमान माइनस 45 डिग्री तक गिर जाता है। बल पर्वतारोहण, स्कीइंग और युद्ध-कौशल के विशेष प्रशिक्षण में माहिर है।
सीमा रक्षा के अलावा आईटीबीपी छत्तीसगढ़ में आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी तैनात है और हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में राहत और बचाव अभियान चलाती है।
