राजस्थान PM-KUSUM में देश में अव्वल: 5.57 GW सोलर क्षमता, 3.78 लाख किसानों को लाभ
जयपुर। राजस्थान PM-KUSUM योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले नंबर पर आ गया है। राज्य में अब तक 5.57 गीगावाट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है, और 3.78 लाख से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
राज्य की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय सेहत में भी बड़ा सुधार हुआ है — वित्त वर्ष 2023-24 में अजमेर डिस्कॉम ने ₹825 करोड़ और जयपुर डिस्कॉम ने ₹931 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड वृद्धि राज्य सरकार की नीतियों के सफल क्रियान्वयन का नतीजा है। अब 26 जिलों के किसानों को दो निर्धारित समय-स्लॉट में दिन की बिजली मिल रही है, और दूरदराज के गांवों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
भाजपा सरकार के 34 महीनों के कार्यकाल में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10,920 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में महज 3,958 मेगावाट जोड़ा था। सौर बिजली क्षमता में भी 34 महीनों में 28,303 मेगावाट का इजाफा हुआ है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 34 महीनों में दो 400 केवी, नौ 220 केवी, 51 132 केवी और 532 33 केवी सबस्टेशन बनाए गए हैं। सरकार का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से औद्योगिक वृद्धि को बल मिलेगा और ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान’ का संकल्प आगे बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि PM-KUSUM यानी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना है, जिसके तहत किसानों को सौर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी मिलती है और वे बंजर भूमि पर सौर संयंत्र लगाकर बिजली बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं। राजस्थान की विशाल बंजर भूमि और धूप की अधिकता इसे सौर ऊर्जा के लिए आदर्श राज्य बनाती है, और दिन के समय दो स्लॉट में बिजली मिलने से किसानों की सिंचाई लागत भी घट रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस विस्तार से राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
