उत्तर प्रदेश OTS योजना: 1.33 लाख करदाताओं को ₹116.43 करोड़ की राहत, 15 दिसंबर तक बकाया टैक्स निपटाने का मौका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शहरी करदाताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू इस योजना के तहत अब तक 1,33,589 करदाताओं को कुल ₹116.43 करोड़ की राहत मिल चुकी है। योजना 15 अगस्त 2026 से चल रही है और करदाता इसका लाभ 15 दिसंबर 2026 तक उठा सकते हैं।
शहरी विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 1,71,166 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,33,589 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 34,801 आवेदन प्रक्रिया में हैं। कुल ₹312.94 करोड़ के बकाये के विरुद्ध अब तक ₹72.96 करोड़ की वसूली हो चुकी है। प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग ₹8,715 की राहत मिली है।
यह योजना राज्य के 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों और 545 नगर पंचायतों में लागू है। सबसे अधिक 1,42,274 आवेदन आवासीय संपत्तियों के आए हैं, जबकि वाणिज्यिक संपत्तियों के 15,999 और अन्य श्रेणियों के 12,889 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
योजना का उद्देश्य पुराने बकायेदारों को ब्याज और सरचार्ज से राहत देकर बकाया निपटाने का सरल अवसर देना है, साथ ही नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। इसके तहत पुराना हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स और सीवर टैक्स का बकाया निपटाया जा सकता है। करदाताओं को मूल बकाये पर ब्याज और सरचार्ज में पूरी छूट मिलती है।
करदाताओं की सुविधा के लिए बकाये का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने की व्यवस्था की गई है। आवेदन के पहले 30 दिनों के भीतर बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होती है, जबकि शेष राशि अगले दो महीनों की किस्तों में चुकानी होती है। पूरा बकाया आवेदन के तीन माह के भीतर जमा करना आवश्यक है।
शहरी विकास मंत्री के निर्देश पर सभी नगरीय निकायों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां ऑनलाइन पोर्टल या कार्यालय में आए आवेदनों का मार्गदर्शन और निपटारा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि योजना की अंतिम तिथि तक बड़ी संख्या में और करदाता इस राहत का लाभ उठा सकते हैं।
