हरियाणा: राखीगढ़ी संग्रहालय के लिए ₹180 करोड़ मंजूर, विश्वस्तरीय पुरातात्विक केंद्र बनेगी हड़प्पा विरासत
हरियाणा की हड़प्पा सभ्यता की धरती अब विश्वस्तरीय पुरातात्विक केंद्र बनने की राह पर है। राज्य के सहकारिता, पुरातत्व और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने राखीगढ़ी महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऐलान किया है कि राखीगढ़ी के आधुनिक संग्रहालय परिसर के शेष कार्यों के लिए ₹180 करोड़ की राशि मंजूर कर दी गई है। यह घोषणा 22 अक्टूबर को की गई, जिसकी खबरें 23 अक्टूबर को आई हैं।
मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आधुनिक संग्रहालय परिसर का निर्माण जल्द पूरा होगा। यह संग्रहालय राखीगढ़ी के हड़प्पा पुरास्थल की विरासत को नई पहचान देगा। संग्रहालय में हड़प्पा सभ्यता की जीवनशैली, नगर नियोजन, शिल्पकला और कृषि अवशेषों का प्रभावी प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि हरियाणा की सबसे प्राचीन सभ्यता की जानकारी दुनिया के सामने आए।
यह संग्रहालय छात्रों और शोधार्थियों के लिए भी एक ज्ञानवर्धक केंद्र होगा। यहां से पुरातत्व विषय में रुचि रखने वाले युवा और शोधकर्ता हड़प्पा काल के बारे में गहराई से जान सकेंगे। सरकार का लक्ष्य राखीगढ़ी को पुरातात्विक शोध, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
संग्रहालय परिसर में एक ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया जाएगा, जहां सेमिनार, सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो सकेंगे। वहीं पर्यटकों की सुविधा के लिए रेस्ट हाउस का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है, ताकि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को ठहरने में कोई परेशानी न हो।
हरियाणा सरकार का मानना है कि राखीगढ़ी के विकास से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े पुरास्थलों में से एक होने के नाते राखीगढ़ी हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ₹180 करोड़ के इस फैसले से यह उम्मीद जगी है कि हरियाणा की यह प्राचीन धरोहर अब विश्व मानचित्र पर अपनी जगह और मजबूत करेगी।
इससे पहले राखीगढ़ी महोत्सव को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर भी सरकार ने कदम उठाए थे। अब संग्रहालय के लिए इस बड़ी राशि की मंजूरी से विकास की गति और तेज होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक संग्रहालय बनने के बाद राखीगढ़ी देश-विदेश के इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षक ठिकाना बनेगा।
