हरियाणा: CM सैनी ने लॉन्च किया ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 — रजिस्ट्री के साथ ही 24 घंटे में इंतकाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को राज्य के राजस्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाते हुए ‘ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम’ और ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया अपने आप शुरू हो जाएगी। खाता विभाजन न होने की स्थिति में इंतकाल 24 घंटे के भीतर पूरा होगा, जबकि विभाजन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 10 दिनों में निपटाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सिस्टम का उद्देश्य आम नागरिकों को तहसीलों और पटवारियों के चक्करों से मुक्ति दिलाना है। पायलट चरण में ही करीब 50,000 इंतकाल ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम के जरिए दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य में 6 लाख से अधिक लंबित इंतकाल मामलों में से लगभग 4 लाख का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। रजिस्ट्री के समय आधार ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे फर्जी रजिस्ट्रियों पर पूरी तरह रोक लगेगी। विदेश में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और कंपनियों के लिए भी व्यवस्था को आसान बनाया गया है — वे अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त करके रजिस्ट्री करा सकेंगे।
राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि नई व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित है। अब किसी को इंतकाल के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही किसी बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ेगा। म्यूटेशन नंबर रजिस्ट्री के समय ही स्वतः जनरेट हो जाएगा और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा की राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। इस पहल से किसानों, गृह-क्रेताओं और आम नागरिकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सिस्टम के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई न हो और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध सेवा मिले।
